

Maharashtra Weather Forecast: प्रादेशिक मौसम विभाग, मुंबई ने महाराष्ट्र के मौसम को लेकर एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार आज , 7 मई को राज्य के विभिन्न हिस्सों में मौसम का मिजाज बिगड़ने की संभावना है। इस स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट (Yellow Alert) घोषित किया है, जिसका अर्थ है कि नागरिकों को मौसम के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है। इस अवधि में विशेष रूप से गरज के साथ छींटे पड़ने और अचानक मौसम बदलने की प्रबल संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, इन दो दिनों में राज्य के जिलों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्का से मध्यम स्तर का मानसून-पूर्व (Pre-monsoon) वर्षा हो सकती है। इस दौरान बिजली चमकने की घटनाओं के साथ-साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने की भी आशंका है। यह बदलाव दक्षिणी मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के क्षेत्रों में अधिक प्रभावी रहने की उम्मीद है, जहाँ बिजली गिरने और ओलावृष्टि (Hail) जैसी स्थितियाँ भी बन सकती हैं।
मुंबई शहर और इसके उपनगरीय इलाकों की बात करें तो यहाँ सुबह के समय आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है। हालांकि, दोपहर और शाम होते होते आसमान साफ होने की संभावना है। तापमान की दृष्टि से देखें तो अधिकतम तापमान 35°C और न्यूनतम तापमान 28°C के आसपास रहने की संभावना है। तटीय इलाकों में उमस भरी गर्मी का प्रभाव बना रहेगा, लेकिन शाम के समय बादलों की मौजूदगी से तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है।
प्रादेशिक मौसम विभाग ने विशेष रूप से दक्षिण मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। यहाँ के अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ बिजली चमकने, ओले गिरने और मध्यम बारिश होने की संभावना बहुत अधिक है। 40-50 किमी प्रति घंटे की गति वाली हवाएं फसलों और कच्चे घरों को नुकसान पहुँचा सकती हैं। इस मौसम प्रणाली के कारण किसानों को अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है।
मौसम की गंभीरता को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, मच्छिंद्र सुकटे ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस येलो अलर्ट की अवधि के दौरान आवश्यक सावधानी बरतें। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे न खड़े हों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग से बचें। स्थानीय प्रशासन को भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जान-माल के नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।