

Mhalunge 105 Crore Land Case: आईटी हब के पास म्हालुंगे में रियल एस्टेट कंपनी ‘तीर्थ स्पेसेस यूनिट-4 एलएलपी’ की जमीन पर कथित रूप से जबरन कब्जा करने के आरोप में अरुण खर्डे पाटील और प्रसाद खर्डे पाटील के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
इस संबंध में बिल्डर अभि विजय रौंदल (33, निवासी मैनहट्टन, पल्लोड फार्म, बाणेर) ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
पुलिस के अनुसार, शिकायत में कहा गया है कि म्हालुंगे स्थित सर्वे नंबर 9/10 की करीब 126 आर जमीन शिकायतकर्ता ने 14 फरवरी 2024 को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की अधिकृत नीलामी के माध्यम से 105 करोड़ 5 लाख रुपये, इसके अलावा स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क का भुगतान कर खरीदी थी।
शिकायत के मुताबिक, बैंक ने 31 मार्च 2024 को जमीन का कब्जा कंपनी को सौंपा था।शिकायतकर्ता का कहना है कि जमीन पर मौजूद पुरानी सात मंजिला इमारत को कानूनी प्रक्रिया के तहत गिराया गया था और सरकारी स्तर पर जमीन की मापनी भी कराई गई थी। शिकायत में यह भी कहा गया है कि पुणे मेट्रो लाइन-3 के लिए जमीन का कुछ हिस्सा प्रभावित होने के कारण कंपनी को सरकारी मुआवजा मिला था।
पुणे पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, 27 जुलाई 2026 को सुबह करीब छह बजे अरुण खर्डे पाटील और प्रसाद खर्डे पाटील कथित तौर पर 40 से 50 लोगों के साथ जमीन पर पहुंचे। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इस दौरान परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों और सुरक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया गया।
शिकायत के मुताबिक, इसके बाद जेसीबी और क्रेन की मदद से जमीन की पूर्व दिशा में बनी सीमेंट-ईंट की दीवार और पत्रे का कंपाउंड तोड़ा गया। कंपनी के सुरक्षा रक्षकों नितीन वसंत सोनवणे, धनाजी मारुती गाडेकर और शुभम विजय सोनवणे ने इसका विरोध किया। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस दौरान उनके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज, धमकी और मारपीट की गई।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कंपाउंड तोड़ने के बाद जमीन पर अंग्रेजी ‘L’ आकार में लोहे के एंगल और पत्रे लगाए गए, जिससे कथित तौर पर जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया गया। साथ ही दीवार पर लगा ‘तीर्थ’ नाम का बोर्ड तोड़े जाने का भी आरोप लगाया गया है।पुलिस ने शिकायत के आधार पर अरुण खर्डे पाटील और प्रसाद खर्डे पाटील के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच कर रही है।
नवभारत लाइव के लिये समीर सैय्यद की रिपोर्ट