

Monsoon Electricity Water Connection Cut PMC: पुणे- शहर के मध्यवर्ती पेठ क्षेत्रों में मानसून के दौरान जर्जर वाड़ों के गिरने की आशंका को देखते हुए पुणे महानगर पालिका (PMC) ने बड़ी कार्रवाई की है। मनपा द्वारा कराए गए स्ट्रक्चरल ऑडिट में बेहद खतरनाक (सी-1) श्रेणी में शामिल 305 वाड़ों में से 284 को सफलतापूर्वक खाली करा लिया गया है।
हालांकि, स्थानीय निवासियों के विरोध के कारण अटकी शेष 21 वाड़ों को खाली कराने के लिए मनपा अब बिजली-पानी के कनेक्शन काटने जैसे सख्त कदम उठाने जा रही है। किसी भी संभावित जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए मनपा ने जर्जर वाड़ों के रहवासियों को अंतिम नोटिस जारी कर दिया है। पिछले पांच वर्षों में वाड़े और पुरानी दीवारें गिरने की 52 घटनाएं दर्ज की गई हैं।
मानसून से पहले मनपा के भवन निर्माण विभाग की ओर से पुणे के पेठ क्षेत्रों में खतरनाक वाड़ों और पुरानी इमारतों का सर्वेक्षण किया गया। इस दौरान कुल 4,687 संपत्तियों का निरीक्षण किया गया।
खतरनाक संपत्तियों की स्थिति का आकलन करने के लिए मनपा द्वारा निविदा प्रक्रिया के माध्यम से निजी कंपनी से स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जाता है। इसके लिए 5 नवंबर 2015 के शासन परिपत्र (GR) के अनुसार कार्रवाई की जाती है।
मनपा की ओर से हर वर्ष मानसून से पहले खतरनाक वाड़ों और पुरानी इमारतों के संबंध में सार्वजनिक सूचना जारी की जाती है।
प्रशासन द्वारा संबंधित शासन परिपत्र के अनुसार कार्रवाई की जाती है। पुराने वाड़ों के पुनर्विकास, संरक्षण और नागरिकों की सुरक्षा के लिए यूनिफाइड डेवलपमेंट कंट्रोल एंड प्रमोशन रेगुलेशन (UDCPR) 2020 की धारा 7.6.1 और 7.6.2 के अनुसार भी कार्रवाई की जाती है।
मनपा के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022-23 में 140 वाड़ों को बेहद खतरनाक (सी-1 श्रेणी) घोषित किया गया था।
इन सभी 140 वाड़ों को खाली कराने की कार्रवाई पूरी कर ली गई।इसके बाद 2023-24 और 2024-25 में कुल 165 वाड़े सी-1 श्रेणी में पाए गए। इनमें से 144 वाड़ों को खाली कराया गया, जबकि 21 वाड़ों को खाली कराने की कार्रवाई रहवासियों के विरोध के कारण लंबित है।
पुणे मनपा प्रशासन के अनुसार, इन 21 वाड़ों को खाली कराने के लिए समाचार पत्रों में सार्वजनिक सूचना प्रकाशित की गई है। साथ ही संबंधित पुलिस विभाग को भी सूचित किया गया है, ताकि आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सके। खतरनाक इमारतों और वाड़ों का उनकी स्थिति के आधार पर सी-1, सी-2ए, सी-2बी और सी-3 श्रेणियों में वर्गीकरण किया जाता है।
खतरनाक इमारत को नोटिस जारी करने के बाद उसके मालिक और रहवासियों को इमारत खाली करने तथा खतरनाक हिस्सों को हटाने के निर्देश दिए जाते हैं। इसके बाद स्थानीय समाचार पत्रों में सार्वजनिक सूचना प्रकाशित की जाती है। यदि इमारत का मालिक खतरनाक हिस्सा नहीं हटाता है, तो मनपा के भवन विकास विभाग के माध्यम से उसे हटाने की कार्रवाई की जाती है।