पुणे मनपा में विकास निधि पर NCP का हंगामा, अमोल बालवडकर और सुहास टिंगरे के वार्ड का फंड शून्य करने का आरोप

Pune NCP Protest: पुणे मनपा में नगरसेवकों का विकास फंड शून्य करने के विरोध में एनसीपी ने उग्र प्रदर्शन किया। सुनील टिंगरे के नेतृत्व में नेताओं ने आयुक्त को ज्ञापन सौंपा।
NCP creates a ruckus over development funds at Pune Municipal Corporation
पुणे एनसीपी प्रदर्शन पीएमसी सोर्स- सोशल मीडिया
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Pune Municipal Corporation Budget Debate: पुणे महानगरपालिका में नगरसेवकों के विकास निधि को शून्य करने या दूसरे वार्ड में स्थानांतरित करने के फैसले के विरोध में एनसीपी ने शुक्रवार को मनपा में जोरदार आंदोलन किया। पार्टी ने नगरसेवक अमोल बालवडकर और सुहास टिंगरे के वार्ड के विकास निधि पर लिए गए फैसले को पुणेकरों के विकास कार्यों के साथ अन्याय बताया।

आंदोलन का नेतृत्व पुणे शहर एनसीपी अध्यक्ष सुनील टिंगरे ने किया। इस दौरान विपक्ष के नेता निलेश निकम, सुभाष जगताप, विधायक चेतन तुपे, दीपक मानकर, अमोल बालवडकर, सुहास टिंगरे समेत एनसीपी के नगरसेवक और पदाधिकारी मौजूद रहे। आंदोलन के बाद मनपा आयुक्त को ज्ञापन सौंपा गया।

टिंगरे का फंड दूसरे वार्ड में भेजने का आरोप

एनसीपी ने आरोप लगाया कि अमोल बालवडकर द्वारा कोथरूड विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों की जांच की मांग वाले प्रस्ताव का सुहास टिंगरे ने समर्थन किया था। इसके बाद उनके वार्ड का विकास निधि शून्य करने की कार्रवाई की गई।

पार्टी के मुताबिक, वार्ड क्रमांक 2-ड का करीब 11.5 से 12 करोड़ रुपये का फंड वार्ड क्रमांक 3 के कामों के लिए स्थानांतरित किया गया है। एनसीपी ने कहा कि नगरसेवक का विकास निधि निजी पैसा नहीं, बल्कि नागरिकों के विकास के लिए होता है। राजनीतिक मतभेदों के कारण किसी वार्ड का फंड रोकना या दूसरी जगह भेजना वहां के नागरिकों के साथ अन्याय है।

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महायुति विवाद पर 'वरिष्ठों का फैसला मान्य'

  • महापालिका सभागृह में हालिया घटनाओं पर सभागार नेता गणेश बिडकर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसे असंसदीय प्रकार पहले कभी नहीं हुए और आगे भी नहीं होने चाहिए।

  • राष्ट्रवादी कांग्रेस के सदस्यों द्वारा तिरंगा रैली के दौरान मुख्यमंत्री से लेकर महापौर तक की आलोचना तथा वरिष्ठ नेता चंद्रकांत पाटिल पर आरोप लगाने वाला पत्र देना अनुचित था।

  • भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपनी भावनाएं सुनेत्रा पवार और फडणवीस तक पहुंचा दी है। अब वरिष्ठ नेतृत्व जो मार्गदर्शन और निर्णय देगा, उसे स्वीकार किया जाएगा।

  • साथ ही कहा गया कि बाणेर-बालेवाड़ी के लिए 100 करोड़ रुपये का निधि मंजूर है और विकास कार्यों के लिए धन की कमी नहीं होगी।

शिवाजी महाराज के स्मारक का फंड रद्द करने पर भी सवाल

पार्टी ने बालेवाड़ी में छत्रपति शिवाजी महाराज, शहाजीराजे और राजमाता जिजाऊ के स्मारक के लिए मंजूर 1।5 करोड़ रुपये का फंड शून्य किए जाने का भी आरोप लगाया।

एनसीपी ने इसे लेकर सवाल उठाते हुए निधि तत्काल बहाल करने की मांग की। शांतिनगर स्थित बुद्ध विहार का फंड भी शून्य किए जाने का दावा किया गया।

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