पुणे महानगरपालिका (सोर्सः सोशल मीडिया)
Pune Kondhawa Kausar Baug Garbage Crisis: शहर के कोंढवा खुर्द क्षेत्र, विशेषकर कौसर बाग रोड पर कचरे का अंबार लगने से स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल हो गया है।
सड़कों पर जमा गंदगी और खुले में फेंके जा रहे मांस के अवशेषों के कारण भीषण गर्मी में असहनीय दुर्गंध फैल रही है। इस अव्यवस्था से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है।
पुणे मनपा प्रशासन की अनदेखी और कचरा प्रबंधन के अभाव के चलते नागरिकों में भारी आक्रोश है। क्षेत्र में कचरा प्रबंधन का अभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है, जो प्रशासन की विफलता को दर्शाता है।
कोंढवा की जनसंख्या पिछले कुछ वर्षों में बहुत तेजी से बढ़ी है, लेकिन उस अनुपात में नगर निगम बुनियादी सुविधाएं और कचरा निकासी की ठोस व्यवस्था करने में पूरी तरह विफल रहा है।
नियमों को ताक पर रखकर बनाई गई ऊंची इमारतों के कारण कचरे की मात्रा में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। कचरा उठाने वाली गाड़ियों की अनियमितता और डस्टबिन की कमी ने स्थिति को और अधिक चिंताजनक बना दिया है, जिससे सड़कों के किनारे ही कचरा जमा होना शुरू हो गया है।
पिछले वर्ष नालों की ठीक से सफाई न होने के कारण भी जलभराव और गंदगी की समस्या उत्पन्न हुई है। क्षेत्र के प्रमुख ओढों और नालों में भारी मात्रा में कूड़ा जमा हो गया है, जिससे पानी का प्राकृतिक प्रवाह रुक गया है। मानसून से पहले की जाने वाली सफाई प्रक्रिया केवल कागजों तक सीमित रहने के कारण आसपास के रिहायशी इलाकों में गंदगी का साम्राज्य फैल गया है।
पानी रुकने की वजह से सड़न बढ़ रही है और कीचड़ जमा होने से दुर्गंध ने स्थानीय लोगों का अपने घरों में बैठना भी मुश्किल कर दिया है। प्रशासन की इस लापरवाही का खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
इस विकट समस्या के समाधान के लिए जब जागरूक नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हडपसर क्षेत्रीय कार्यालय के सहायक आयुक्त से संपर्क करने का प्रयास किया, तो उनसे संपर्क नहीं हो सका, जिम्मेदार अधिकारियों की यह अनुपलब्धता और शिकायतों के प्रति उदासीन रवैया स्थानीय निवासियों के बीच आक्रोश को बढ़ा रहा है।
लोगों का कहना है कि वे नियमित रूप से टैक्स भरते हैं, फिर भी उन्हें बुनियादी स्वच्छता के लिए तरसना पड़ रहा है। यदि जल्द ही कचरा निकासी और स्वच्छता अभियान शुरू नहीं किया गया, तो नागरिकों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। वर्तमान स्थिति में कोंढवा का कौसर बाग रोड किसी नरक से कम प्रतीत नहीं हो रहा है।
नियमों को ताक पर रखकर बनाई गई ऊंची इमारतों के कारण कचरे की मात्रा में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। कचरा उठाने वाली गाड़ियों की अनियमितता और डस्टबिन की कमी ने स्थिति को और अधिक चिंताजनक बना दिया है, जिससे सड़कों के किनारे ही कचरा जमा होना शुरू हो गया है।
पिछले वर्ष नालों की ठीक से सफाई न होने के कारण भी जलभराव और गंदगी की समस्या उत्पन्न हुई है। क्षेत्र के प्रमुख ओढों और नालों में भारी मात्रा में कूड़ा जमा हो गया है, जिससे पानी का प्राकृतिक प्रवाह रुक गया है। मानसून से पहले की जाने वाली सफाई प्रक्रिया केवल कागजों तक सीमित रहने के कारण आसपास के रिहायशी इलाकों में गंदगी का साम्राज्य फैल गया है।
पानी रुकने की वजह से सड़न बढ़ रही है और कीचड़ जमा होने से दुर्गंध ने स्थानीय लोगों का अपने घरों में बैठना भी मुश्किल कर दिया है। प्रशासन की इस लापरवाही का खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
इस विकट समस्या के समाधान के लिए जब जागरूक नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हडपसर क्षेत्रीय कार्यालय के सहायक आयुक्त से संपर्क करने का प्रयास किया, तो उनसे संपर्क नहीं हो सका, जिम्मेदार अधिकारियों की यह अनुपलब्धता और शिकायतों के प्रति उदासीन रवैया स्थानीय निवासियों के बीच आक्रोश को बढ़ा रहा है।
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लोगों का कहना है कि वे नियमित रूप से टैक्स भरते हैं, फिर भी उन्हें बुनियादी स्वच्छता के लिए तरसना पड़ रहा है। यदि जल्द ही कचरा निकासी और स्वच्छता अभियान शुरू नहीं किया गया, तो नागरिकों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। वर्तमान स्थिति में कोंढवा का कौसर बाग रोड किसी नरक से कम प्रतीत नहीं हो रहा है।