मुंबई में पानी की आपूर्ति बाधित (सोर्सः सोशल मीडिया)
Pune Keshavnagar Water Supply Project: पुणे मनपा सीमा में हाल ही में शामिल किए गए गांवों में जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केशवनगर (मुंढवा) में करीब 135.57 करोड़ की योजना को मंजूरी मिल गई है।
इस प्रस्ताव को स्थायी समिति ने मंजूरी दे दी है, जिसकी जानकारी समिति के अध्यक्ष श्रीनाथ भिमाले ने दी। महापालिका के जलापूर्ति विभाग द्वारा पेश प्रस्ताव के अनुसार नये शामिल 34 गांवों में से केशवनगर क्षेत्र में पानी की कमी को दूर करने के लिए यह योजना शुरू की जा रही है।
पिछले कुछ वर्षों में तेजी से हुए शहरीकरण के कारण यहां जलापूर्ति पर भारी दबाव बढ़ गया है। वर्तमान में कई इलाकों में टैंकर के जरिए पानी दिया जा रहा है और रोजाना 30 से 35 टैंकरों की आवश्यकता पड़ रही है।
प्रस्तावित योजना के तहत मुख्य पाइपलाइन, पंपिंग सिस्टम, जल वितरण नेटवर्क और पाइपलाइन संरचना तैयार की जाएगी। इसमें 200 से 800 मिमी व्यास की लगभग 6.19 किलोमीटर लंबी मुख्य पानी पाइपलाइन, 600 किलोवाट क्षमता की पंपिंग व्यवस्था तथा करीब 71.50 किलोमीटर लंबा वितरण नेटवर्क तैयार किया जाएगा।
इसके अलावा 2.5 से 3.5 एमएल क्षमता के छह ऊंचे जलाशय (ओवरहेड टैंक) भी बनाए जाएंगे। इस परियोजना की मूल लागत लगभग 114.66 करोड़ है, जिस पर 18 प्रतिशत जीएसटी और अन्य शुल्क मिलाकर कुल खर्च 135.57 करोड़ तक पहुंचेगा।
मनपा के बजट में इस योजना के लिए अगले तीन वर्षों में चरणबद्ध तरीके से निधि उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। लेकिन वर्तमान में उपलब्ध निधि अन्य गांवों के लिए उपयोग हो चुकी है, जिसके कारण केशवनगर के लिए अलग से प्रावधान करना आवश्यक बताया गया है।
इसके लिए महाराष्ट्र मनपा अधिनियम 1949 की धारा 72 (ब) के तहत खर्च की मंजूरी के लिए जनरल बॉडी की स्वीकृति आवश्यक होगी। दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजितपवार ने अपने निरीक्षण के दौरान केशवनगर की जल समस्या पर ध्यान देते हुए तत्काल उपाय करने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद इस योजना को गति मिली।
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नई शामिल बस्तियों में बुनियादी सुविधाओं के विकास में जलापूर्ति को सबसे अहम माना जाता है। इस योजना के पूर्ण होने के बाद टैंकरों पर निर्भरता कम होने और नागरिकों को नियमित तथा पर्याप्त दबाव के साथ पानी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही, भविष्य की जनसंख्या वृद्धि को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई यह योजना लंबे समय तक राहत देगी। इस तरह का विश्वास भिमाले ने व्यक्त किया है।