कटराज कोंढवा रोड चौड़ीकरण परियोजना (सौ. सोशल मीडिया )
Pune Katraj Kondhwa Road Widening Project: पुणे शहर की बहुप्रतीक्षित कात्रज-कोंढवा सड़क चौड़ीकरण परियोजना को आखिरकार बड़ी प्रशासनिक सफलता मिल गई है। राज्य स्तरीय उच्चाधिकार समिति ने इस प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण के अंतिम प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है।
इस फैसले से पहले चरण में 50 मीटर चौड़ी सड़क के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। करीब एक दशक से लंबित यह परियोजना अब जल्द ही धरातल पर उतरने की उम्मीद है।कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण है यह मार्ग Katraj Kondhwa Road शहर के यातायात ढांचे के लिए रीढ़ की हड्डी माना जाता है।
यह सड़क पुणे-सातारा (एनएच-48) और पुणे-सोलापुर (एनएच-65) जैसे दो प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों को आपस में जोड़ती है। भारी वाहनों की निरंतर आवाजाही के कारण यहाँ वर्षों से भीषण ट्रैफिक जाम और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता था।
इन्हीं समस्याओं के समाधान के लिए सड़क चौड़ीकरण का प्रस्ताव तैयार किया गया था। शुरुआत में इस सड़क की चौड़ाई 84 मीटर प्रस्तावित थी, लेकिन भूमि अधिग्रहण की जटिलताओं और भारी वित्तीय लागत को देखते हुए इसे संशोधित कर 50 मीटर करने का निर्णय लिया गया।
इस परियोजना को गति देने में महानगर पालिका आयुक्त और जिलाधिकारी के समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सोमवार को मंत्रालय में अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व व वन) की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय समिति की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई। प्रशासन के अनुसार, राज्य सरकार का औपचारिक आदेश प्राप्त होते ही सड़क निर्माण का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया जाएगा।
सड़क कात्रज कोंढवा शहर की कनेक्टिविटी के लिए अत्यंत आवश्यक है। भूमि अधिग्रहण की अड़चनों के कारण यह प्रोजेक्ट वर्षों से लंबित था। शासन के मार्गदर्शन और निरंतर प्रयासों के चलते अब यह बाधा दूर हो गई है। हम जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
– नवलकिशोर राम, आयुक्त
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा राजस चौक पर 260 मीटर लंबा फ्लाईओवर बनाया जा रहा है। इसके सुचारू संचालन के लिए 400 मीटर लंबे सर्विस रोड का निर्माण किया जा रहा है, जिससे ट्रैफिक डायवर्जन में आसानी होगी।
पुणे के ट्रैफिक प्रबंधन के लिए यह परियोजना एक ‘गेम चेंजर’ साबित होगी। परियोजना पूर्ण होने के बाद शहर के दक्षिणी हिस्से में यातायात का दबाव काफी कम हो जाएगा और नागरिकों को घंटों लंबे जाम से मुक्ति मिलेगी।
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