

पुणे के 5 ITI संस्थानों के आधुनिकीकरण पर ₹241 करोड़ खर्च होंगे।
औंध ITI बनेगा मुख्य केंद्र, उद्योगों की जरूरतों के मुताबिक मिलेगा प्रशिक्षण।
छत्रपति संभाजीनगर के ITI क्लस्टर के लिए ₹238 करोड़ मंजूर।
Maharashtra Skill Development: औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में कौशल प्रशिक्षण का स्तर सुधारने और युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के लिए पुणे जिले में 241 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थू अपग्रेडेड आईटीआई (पीएम-सेतु) योजना के तहत इस निवेश को राष्ट्रीय संचालन समिति ने मंजूरी दी है।
इसके अंतर्गत औंध स्थित शासकीय आईटीआई को मुख्य केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जबकि औंध महिला आईटीआई, पिंपरी-चिंचवड़, खेड़ और मुलशी स्थित संस्थानों को उपकेंद्र बनाया जाएगा। इन संस्थानों में आधुनिक बुनियादी सुविधाएं, उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण और प्रशिक्षकों की क्षमता बढ़ाने पर जोर रहेगा। इस पहल से युवाओं के तकनीकी कौशल को बेहतर बनाने और रोजगार के अवसर बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
पीएम-सेतु योजना के तहत पुणे शहर के आईटीआई संस्थानों के आधुनिकीकरण की परियोजना बीवीजी इंडिया और बीवीजी फाउंडेशन की भागीदारी में लागू की जाएगी। इसका उद्देश्य पारंपरिक प्रशिक्षण व्यवस्था को आधुनिक तकनीक और औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप विकसित करना है। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को ऐसे तकनीकी कौशल उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा, जिनकी मांग उद्योगों में लगातार बढ़ रही है।
योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण संस्थानों की आधारभूत सुविधाओं को आधुनिक बनाने के साथ ही पाठ्यक्रमों को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जाएगा। इसके अलावा प्रशिक्षकों को आधुनिक तकनीकी ज्ञान और बेहतर शिक्षण पद्धतियों का प्रशिक्षण देने की भी योजना है। इससे प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर आईटीआई क्लस्टर के आधुनिकीकरण के लिए 238।01 करोड़ रुपये की निवेश योजना को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना में बेलराइज इंडस्ट्रीज भागीदार होगी।
छत्रपति संभाजीनगर मुख्य केंद्र रहेगा, जबकि पैठण, खुलताबाद, फुलंब्री और गंगापुर के आईटीआई संस्थानों को उपकेंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। ओडिशा के कटक आईटीआई क्लस्टर के उन्नयन के लिए टाटा स्टील फाउंडेशन के साथ भागीदारी की जाएगी।
इन परियोजनाओं के जरिए विभिन्न राज्यों में तकनीकी प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने और उद्योगों के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है। पीएम-सेतु योजना के तहत प्रशिक्षकों की क्षमता बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मंत्रालय के अनुसार, अक्टूबर 2026 तक राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से 3,744 प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
इस पहल का उद्देश्य ऐसे प्रशिक्षक तैयार करना है, जो आधुनिक तकनीकी ज्ञान और प्रभावी शिक्षण कौशल के माध्यम से विद्यार्थियों को बेहतर प्रशिक्षण दे सके।
पुणे के पांच संस्थानों के उन्नयन से जिले में तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, इस निवेश का वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि आधुनिक सुविधाएं कितनी जल्दी विकसित होती है और प्रशिक्षण को उद्योगों की बदलती जरूरतों के अनुरूप कितनी प्रभावी तरह से लागू किया जाता है।