

Pune DJ Noise Pollution Ganeshotsav 2026: पुणे में गणेश विसर्जन मिरवणूक के दौरान ध्वनि प्रदूषण का स्तर फिर काफी बढ़ गया।
COEP टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी की निगरानी में लक्ष्मी रोड के 10 प्रमुख चौकों पर औसत शोर 104.5 डेसिबल दर्ज हुआ, जो 2025 के 92.6 डेसिबल से 11.9 डेसिबल अधिक है। वहीं नागरिक समूह के अनुसार गणेशोत्सव के दौरान 158 शिकायतें दर्ज हुईं।
पुणे, गणेशोत्सव के दौरान डीजे और तेज आवाज के खिलाफ नागरिकों के विरोध तथा पुलिस की सख्ती के बावजूद पुणे में गणेश विसर्जन मिरवणूक के दिन ध्वनि प्रदूषण का स्तर काफी ऊंचा दर्ज किया गया। लक्ष्मी रोड के 10 प्रमुख चौकों पर औसत ध्वनि स्तर 104.5 डेसिबल रहा। COEP टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी की निगरानी रिपोर्ट के अनुसार 2025 में इसी मार्ग पर औसत ध्वनि स्तर 92.6 डेसिबल था। यानी इस साल औसत स्तर में 11.9 डेसिबल की वृद्धि दर्ज हुई।
विसर्जन मिरवणूक से पहले पुणे पुलिस ने मंडलों को अधिकतम चार बेस और चार टॉप स्पीकर का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए थे। पुलिस ने यह भी कहा था कि निर्धारित ध्वनि सीमा का उल्लंघन होने पर कार्रवाई की जाएगी और अतिरिक्त साउंड सिस्टम जब्त किया जा सकता है। पुलिस ने ध्वनि स्तर की निगरानी के लिए 120 टीमों को डेसिबल मीटर के साथ तैनात किया था।
COEP की रिपोर्ट के अनुसार लक्ष्मी रोड के 10 प्रमुख चौकों में होलकर चौक पर औसत 106.8 डेसिबल शोर दर्ज हुआ। इसके बाद शेडगे विठोबा चौक में 106.3, तिलक चौक में 105.5, गोखले चौक में 104.4, खंडोजीबाबा चौक में 104.2 और उंब्र्या चौक में 104.1 डेसिबल दर्ज किया गया।
अन्य स्थानों में बेलबाग चौक 104, लिंबराज महाराज चौक 103.5, गणपति चौक 103.3 और कुंटे चौक 102.8 डेसिबल रहा।
मिरवणूक आगे बढ़ने के साथ ध्वनि स्तर और बढ़ता गया। 25 सितंबर को शाम 4 बजे 10 चौकों का औसत 113.4 डेसिबल, रात 8 बजे 111.9 डेसिबल और मध्यरात्रि में 112.6 डेसिबल दर्ज हुआ। उंब्र्या चौक पर शाम 4 बजे अधिकतम 115.2 डेसिबल और गोखले चौक पर रात 8 बजे 115.4 डेसिबल दर्ज किया गया।
वर्ष औसत ध्वनि स्तर
2022 105.2 डेसिबल
2023 101.2 डेसिबल
2024 94.8 डेसिबल
2025 92.6 डेसिबल
2026 104.5 डेसिबल
2024 और 2025 में गिरावट के बाद 2026 में लक्ष्मी रोड पर औसत ध्वनि स्तर फिर बढ़ गया। COEP पिछले कई वर्षों से विसर्जन मिरवणूक के दौरान लक्ष्मी रोड पर ध्वनि स्तर की निगरानी करता रहा है।
लाउडस्पीकर विरोधी पुणेकर मंच के अनुसार गणेशोत्सव के दौरान पुणे शहर से 158 ध्वनि प्रदूषण संबंधी शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें 60 शिकायतों में 100 डेसिबल या उससे अधिक शोर होने का दावा किया गया। मंच के मुताबिक कई नागरिकों ने 112 और पुलिस के व्हॉट्सऐप नंबर के माध्यम से भी शिकायतें कीं। बाजीराव रोड-नातूबाग गणपति मंडल परिसर से सबसे अधिक 18 शिकायतें मिलने की जानकारी दी गई।
पुणे में अब तक 21 मामले दर्ज
पुणे पुलिस के अनुसार 24 सितंबर तक ध्वनि प्रदूषण नियमों के उल्लंघन के 21 मामले दर्ज किए गए थे। पिंपरी-चिंचवड़ में इसी अवधि में 50 मामले दर्ज हुए थे। पुणे पुलिस ने विसर्जन मिरवणूक के दौरान भी निर्धारित ध्वनि सीमा और अन्य नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की बात कही थी।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों के अनुसार व्यावसायिक क्षेत्र में दिन के समय 65 और रात में 55 डेसिबल तथा आवासीय क्षेत्र में दिन में 55 और रात में 45 डेसिबल की सीमा निर्धारित है। इसके मुकाबले लक्ष्मी रोड पर दर्ज 104.5 डेसिबल का औसत स्तर काफी अधिक रहा।
गणेशोत्सव से पहले पुणे शहर में तेज आवाज के खिलाफ नागरिकों ने विभिन्न स्थानों से मनपा तक मोर्चे भी निकाले थे। अब प्रदूषण विरोधी मंच ने पुलिस से यह जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है कि विसर्जन मिरवणूक के दौरान कितने स्थानों पर डेसिबल रीडिंग ली गई, कितने डीजे या ध्वनिक्षेपक जब्त किए गए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कितने मामले दर्ज किए गए।