

Pune Bibwewadi Wife Murder: महाराष्ट्र की सांस्कृतिक राजधानी पुणे के बिबवेवाड़ी इलाके से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां एक पति ने अपने ही जीवनसाथी की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपी ने इस जघन्य अपराध को एक 'हादसे' का रूप देने की पूरी कोशिश की, लेकिन पुलिस की सतर्कता ने उसके झूठ का पर्दाफाश कर दिया। मृतका की पहचान 23 वर्षीय सारिका घोडके के रूप में हुई है, जबकि पुलिस ने उसके 29 वर्षीय पति शुभम श्रीकांत घोडके को गिरफ्तार कर लिया है।
घटना की शुरुआत 24 मार्च 2026 को हुई, जब शुभम और सारिका के बीच उनके घर में विवाद हुआ। पुलिस के अनुसार, महज कुछ महीने पहले शादी के बंधन में बंधे इस जोड़े के बीच चरित्र पर संदेह (Skepticism over Character) को लेकर अक्सर झगड़े होते रहते थे।
वारदात वाले दिन विवाद इतना बढ़ गया कि शुभम ने आपा खो दिया और सारिका की बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। उसने रसोई में रखे बर्तनों और अन्य सामानों से सारिका पर जानलेवा हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। सारिका को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल में शुभम ने पुणे पुलिस को गुमराह करने के लिए कहानी गढ़ी कि सारिका गैलरी से नीचे गिर गई थी और यह एक दुर्घटना है। हालांकि, बिबवेवाड़ी पुलिस को सारिका के शरीर पर मिले चोटों के निशान और घटनास्थल की स्थिति देखकर संदेह हुआ। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी यह स्पष्ट हुआ कि चोटें गिरने से नहीं बल्कि किसी भारी वस्तु से प्रहार के कारण आई हैं।
बिबवेवाड़ी पुलिस ने जब शुभम से सख्ती से पूछताछ की, तो वह अपने ही बयानों में उलझता चला गया। अंततः उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या के बाद शुभम ने घर में फैले खून के धब्बों और सबूतों को मिटाने का प्रयास किया था ताकि इसे पूरी तरह से हादसा दिखाया जा सके।
पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि शादी के बाद से ही शुभम छोटी-छोटी बातों पर सारिका पर शक करता था। पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है कि क्या इस वारदात में शुभम की मदद किसी और ने भी की थी। आरोपी शुभम फिलहाल पुलिस हिरासत में है और उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया है।