

निरीक्षण में दवाएं पत्रे के कमरे में रखी मिलीं।
महापौर मंजुषा नागपुरे ने जांच और सुधार के निर्देश दिए।
लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
Medicine Storage Inspection: पुणेकरों को बेहतर और सुरक्षित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावों के बीच महापौर मंजुषा नागपुरे ने गुरुवार सुबह एक ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान दवाओं का भंडारण साधारण पत्रे के कमरे में किए जाने का मामला सामने आया।
इस पर महापौर ने नाराजगी जताते हुए संबंधित विभाग को व्यवस्था में तत्काल सुधार करने और मामले की जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान महापौर ने स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं, दवा भंडार और रोजमर्रा के कामकाज का जायजा लिया।
दवाओं को सुरक्षित स्थान पर रखने के बजाय पत्रे के कमरे में रखे जाने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा। उन्होंने दवाओं के सुरक्षित भंडारण के साथ ही केंद्र की अन्य व्यवस्थाओं को भी दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
महापौर मंजुषा नागपुरे ने संबंधित विभाग को आयुष्मान आरोग्य मंदिर में दवाओं के असुरक्षित भंडारण के मामले की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
महापौर ने पुणे शहर के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केंद्रों में स्वच्छता, सुरक्षा, दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता और चिकित्सा सुविधाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
महापौर मंजुषा नागपुरे ने स्पष्ट किया कि नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शहरवासियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
इसके लिए सभी संबंधित विभागों को स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य केंद्रों में स्वच्छता, सुरक्षा, दवाओं की उपलब्धता और चिकित्सा सुविधाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए नियमित निरीक्षण और व्यवस्थाओं की निगरानी जरूरी है। लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
- नवभारत लाइव के लिए पुणे से समीर सय्यद की रिपोर्ट