पुणे के 23 गांवों में निर्माण अनुमति का अधिकार अब मनपा को, विकास का रास्ता साफ
Maharashtra Government के फैसले के बाद पुणे मनपा को 23 शामिल गांवों में निर्माण अनुमति का अधिकार मिल गया है। विकास योजना को अंतिम रूप देने के लिए उच्चस्तरीय बैठक जल्द होगी।
- Written By: अपूर्वा नायक
पीएमआरडीए (सौ. सोशल मीडिया )
Pune Villages Building Permission: पुणे महानगर पालिका (मनपा) की सीमा में शामिल किए गए 23 गांवों के नियोजित विकास को लेकर महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। राज्य सरकार के हालिया निर्णय के बाद इन गांवों में निर्माण अनुमति देने का अधिकार अब मनपा को वापस सौंप दिया गया है।
अब तक इन गांवों में निर्माण अनुमति और विकास शुल्क वसूलने का अधिकार पुणे महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) के पास था। जबकि सड़क, पानी और ड्रेनेज जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी मनपा निभा रही थी। इस व्यवस्था के कारण राजस्व और संसाधनों के बीच असंतुलन की स्थिति बनी हुई थी।
अवैध निर्माणों पर नहीं लग पा रहा था अंकुश
राजस्व पीएमआरडीए के खाते में जाने से मनपा को इन क्षेत्रों में पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं हो पा रहे थे। परिणामस्वरूप, कई स्थानों पर अवैध निर्माणों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो सका। स्थानीय स्तर पर लंबे समय से यह मांग उठ रही थी कि निर्माण अनुमति का अधिकार मनपा को ही दिया जाए, ताकि समन्वित विकास संभव हो सके।
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उच्च स्तरीय बैठक में होगा डीपी पर निर्णय
अब अधिकार हस्तांतरण के बाद विकास योजना (डीपी) को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज की जाएगी। इसके लिए अगले सप्ताह मनपा और पुणे महानगर प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच उच्च स्तरीय बैठक प्रस्तावित है।
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अधिकारियों का मानना है कि इस फैसले से 23 गांवों में नियोजित और संतुलित विकास को गति मिलेगी। साथ ही बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और अवैध निर्माणों पर नियंत्रण भी अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।
