पूजा खेडकर व दिलीप खेडकर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Pooja Khedkar Home Robbery Case: विवादों में रही पूर्व ट्रेनी आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर के पुणे के बानेर रोड स्थित उनके पारिवारिक बंगले पर 10 जनवरी की देर रात एक डकैती की घटना को अंजाम दिया गया था। इस घटना को खेडकर परिवार ने सनसनीखेज खुलासा किया है।विवादों में रही पूर्व ट्रेनी आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर के पुणे के बानेर रोड स्थित उनके पारिवारिक बंगले पर 10 जनवरी की देर रात एक डकैती की घटना को अंजाम दिया गया था। इस घटना को खेडकर परिवार ने सनसनीखेज खुलासा किया है।
बर्खास्त आईएएस पूजा खेडकर के पिता और पूर्व अधिकारी दिलीप खेडकर ने पुणे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। खेडकर के अनुसार, उनके औंध स्थित आवास पर हुई घटना केवल धन की लूट नहीं थी, बल्कि पूरे परिवार की हत्या का एक संगठित प्रयास था, जिसे पुलिस गंभीरता से नहीं ले रही।
दिलीप खेडकर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर घटना की भयावहता बयां की। उन्होंने दावा किया कि अपराधियों ने डकैती के दौरान एक अत्यंत दुर्लभ और घातक नशीले पदार्थ का उपयोग किया था। खेडकर के अनुसार, अपराधियों ने घर के सदस्यों और घरेलू सहायकों के भोजन में इसे मिला दिया था। इस पदार्थ का असर इतना गहरा था कि परिवार के सदस्य पांच दिनों तक अस्पताल में वेंटिलेटर पर रहे। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर मकसद सिर्फ चोरी था, तो इतना घातक कदम क्यों उठाया गया?
खेडकर ने प्रशासन और स्थानीय पुलिस पर मामले में ढिलाई बरतने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस मुख्य साजिशकर्ताओं तक पहुंचने में नाकाम रही है। उनके मुताबिक, पुलिस जांच केवल सतही स्तर पर चल रही है, जबकि इसके पीछे किसी प्रभावशाली गिरोह का हाथ हो सकता है। खेडकर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिस इस मामले को एक साधारण चोरी की तरह देख रही है, जबकि यह एक सोची-समझी ‘कॉन्स्पिरेसी’ (साजिश) है।
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प्रेस वार्ता के दौरान दिलीप खेडकर ने बताया कि सीसीटीवी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर इस पूरी घटना में लगभग 14 लोग शामिल थे। इतनी बड़ी संख्या में अपराधियों का घर में घुसना और परिवार को निशाना बनाना इस बात की ओर इशारा करता है कि उनके घर की रेकी की गई थी। उन्होंने अंदेशा जताया कि अपराधियों का असली उद्देश्य कुछ और था, जिसे पुलिस उजागर नहीं करना चाहती।
न्याय की मांग और आगे की रणनीति खेडकर ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने जल्द ही मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया और साजिश का पर्दाफाश नहीं किया, तो वे वरिष्ठ अधिकारियों और मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने मांग की है कि इस मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की जाए जो इस ‘नशीले पदार्थ’ के स्रोत और अपराधियों के वास्तविक इरादों की जांच कर सके।