

Pune Police Security Arrangement Ganeshotsav: गणेशोत्सव के दौरान शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुणे पुलिस ने उत्सव शुरू होने से पहले ही व्यापक प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है।
पुलिस ने आपराधिक पृष्ठभूमि वाले 6,422 लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें गणेशोत्सव के दौरान संबंधित पुलिस थाना क्षेत्र में प्रवेश, निवास और सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होने से प्रतिबंधित किया है।
पुलिस के अनुसार, शहर के सभी 44 पुलिस थानों के रिकॉर्ड की जांच कर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों की जानकारी जुटाई गई।
इनमें अवैध हथियार रखने, मारपीट, गंभीर चोट पहुंचाने, धमकी, चोरी, दंगा, जबरन वसूली, डकैती की तैयारी और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे मामलों में रिकॉर्ड पर रहे लोग शामिल हैं।
पुलिस का मानना है कि गणेश उत्सव के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटती है। ऐसे में कुछ आपराधिक प्रवृत्ति के लोग भीड़ का फायदा उठाकर दहशत फैलाने, पुराने विवादों को लेकर मारपीट करने या सार्वजनिक शांति भंग करने की कोशिश कर सकते हैं। इसी आशंका को देखते हुए पहले से प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है।
गणेश मंडलों के परिसर, मंडई, प्रमुख चौक, गणेश विसर्जन और जुलूस के मार्गों के साथ संवेदनशील इलाकों में पुलिस की विशेष निगरानी रहेगी।
भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ रिकॉर्ड पर मौजूद अपराधियों की गतिविधियों की भी स्थानीय पुलिस लगातार निगरानी करेगी।
पुणे पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधात्मक आदेश के बावजूद यदि कोई व्यक्ति संबंधित क्षेत्र में प्रवेश करता है या गणेशोत्सव के दौरान कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का उद्देश्य गणेशोत्सव के दौरान संभावित विवाद, हिंसा और सार्वजनिक शांति भंग करने वाली घटनाओं को पहले ही रोकना है। प्रशासन की ओर से गणेश मंडलों और नागरिकों से भी पुलिस के निर्देशों का पालन करने तथा किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की गई है।