

Noise Pollution Rules Visarjan Mirwanuk: डीजे के बढ़ते शोर के खिलाफ पुणेकरों के लगातार विरोध के बाद पुलिस प्रशासन ने इस बार गणेश विसर्जन जुलूस में ध्वनि प्रदूषण को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। अब पुलिस की कार्रवाई सिर्फ डीजे तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ढोल-ताशा पथकों की आवाज भी डेसीबल मीटर की जांच के दायरे में होगी।
विसर्जन मार्ग पर निर्धारित ध्वनि सीमा पार करने पर संबंधित ढोल-ताशा पथक के खिलाफ सीधे मामला दर्ज किया जाएगा। विसर्जन जुलूस के पूरे मार्ग पर करीब 120 स्थानों पर ध्वनि स्तर की लगातार निगरानी की जाएगी।
पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने बताया कि डीजे के लिए अधिकतम चार बेस और चार टॉप स्पीकर की सीमा तय की गई है। इससे अधिक स्पीकर पाए जाने पर सिस्टम जब्त करने की कार्रवाई होगी। साथ ही लेजर लाइट, प्लाज्मा और प्रेशर मीडियम के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
हालांकि, ढोल-ताशा पथकों में सदस्यों या वादकों की संख्या पर कोई पाबंदी नहीं है, लेकिन उनकी सामूहिक आवाज को सीमा में रखना अनिवार्य होगा। 'टोल' वाद्य के प्रयोग पर भी रोक रहेगी। नियम उल्लंघन पर केवल समझाइश नहीं, बल्कि सीधी कानूनी कार्रवाई होगी।
गणेशोत्सव के दौरान ध्वनि सीमा का उल्लंघन करने के आरोप में अब तक 21 गणेश मंडलों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। विसर्जन जुलूस के दौरान अलका टॉकीज चौक, तिलक रोड, कुमठेकर रोड, लक्ष्मी रोड और केलकर रोड जैसे संवेदनशील इलाकों में करीब 2,000 सीसीटीवी (CCTV) कैमरों और वॉचटावरों के जरिए पैनी नजर रखी जाएगी।
विसर्जन मिरवणूक की सुरक्षा के लिए करीब 10,000 पुलिसकर्मियों का बंदोबस्त तैनात किया गया है। इसमें 1 पुलिस आयुक्त, 1 सह पुलिस आयुक्त, 4 अपर आयुक्त, 14 उपायुक्त, 35 सहायक आयुक्त, 154 पुलिस निरीक्षक, 675 उपनिरीक्षक और लगभग 7,000 जवानों के अलावा SRPF की 2 टुकड़ियां, 900 होमगार्ड और क्यूआरटी (QRT) टीमें शामिल हैं। सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी और विशेष महिला पुलिस दल अपराधियों और उपद्रवियों पर कड़ी निगरानी रखेंगे।