

Pune Inner Ring Road Land Acquisition: पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्र में यातायात जाम की समस्या कम करने के लिए प्रस्तावित 65 मीटर चौड़े इनर रिंग रोड प्रकल्प के भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो गई है।
पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) ने प्रभावित जमीनों के मुआवजे के लिए जिलाधिकारी कार्यालय में 144 करोड़ रुपये जमा कराए हैं। अब विभिन्न तहसीलों में विशेष ग्राम बैठकों और संयुक्त माप-जोख के माध्यम से अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
पीएमआरडीए ने जमीन अधिग्रहण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए हवेली, मावल और मुलशी तहसीलों के विभिन्न गांवों में विशेष ग्राम बैठकों की योजना बनाई है। 7 से 9 अक्टूबर के दौरान मावल और हवेली के कई गांवों में बैठकें आयोजित की जा रही हैं।
मुलशी तहसील के बाधन बुद्रुक, सुस, नांदे, माण, हिंजवड़ी, मारुंजी, नेरे और जांबे में भी विशेष संवाद बैठकें रखी गई हैं। इन बैठकों की अध्यक्षता उपविभागीय अधिकारी सुरेंद्र नवले कर रहे हैं।
रिंग रोड परियोजना के तहत खेड तहसील के सोलू और हवेली तहसील के वडगांव शिंदे तथा निरगुडी में जमीन की माप-जोख पूरी हो चुकी है। अब शेष प्रभावित जमीनों का सटीक मूल्यांकन करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।
मुलशी तहसील में 9 से 17 अक्टूबर और हवेली तहसील में 13 से 16 अक्टूबर के बीच संयुक्त माप-जोख अभियान चलाया जाएगा। इस प्रक्रिया में 300 से अधिक खातेदारों की जमीनों का सर्वेक्षण किया जाना है। इससे प्रभावित जमीनों का मूल्यांकन करने और मुआवजे की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।
पीएमआरडीए की सहआयुक्त पूनम मेहता ने बताया कि जमीन अधिग्रहण के लिए सहमति देने वाले किसानों को अधिक मुआवजा दिया जाएगा। प्रशासन का प्रयास है कि प्रभावित खातेदारों के साथ संवाद करके भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए।
इनर रिंग रोड परियोजना को पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्र में यातायात व्यवस्था सुधारने की महत्वपूर्ण योजना के रूप में देखा जा रहा है। जमीन अधिग्रहण और संबंधित प्रक्रियाएं समय पर पूरी होना परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए अहम होगा।