

Pimpri Chinchwad Municipal Corporation: पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका में निर्माण अनुमति हासिल करने की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाने के दावों के बीच विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी से फाइलें लंबित होने की शिकायत सामने आई है।
नगर नियोजन, निर्माण अनुमति, जलापूर्ति, जल निकासी, उद्यान और अग्निशमन विभागों से अलग-अलग अभिमत व अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेने की प्रक्रिया में देरी हो रही है।
इससे निर्माण प्रस्तावों को मंजूरी मिलने में अनावश्यक समय लग रहा है। इसे लेकर क्रिएटिव फोरम-आर्किटेक्ट एंड लाइसेंस इंजीनियर्स एसोसिएशन ने पिंपरी-चिंचवड़ मनपा प्रशासन के समक्ष विभिन्न मांगें रखते हुए सात दिनों में बैठक बुलाने की मांग की है। बैठक नहीं होने पर लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
एसोसिएशन के अनुसार, निर्माण अनुमति के लिए एक ही प्रस्ताव पर कई विभागों से अनुपति लेनी पड़ती है। किसी एक विभाग में फाइल लंबित होने पर पूरी प्रक्रिया प्रभावित होती है।
संबंधित आवेदन किस विभाग के पास लंबित है, उस पर अधिकारी ने कब कार्रवाई की और देरी का कारण क्या है, इसकी जानकारी आवेदक को ऑनलाइन उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
एसोसिएशन का कहना है कि इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि देरी के लिए संबंधित पिंपरी-चिंचवड़ विभाग की जवाबदेही भी तय हो सकेगी। प्रत्येक विभाग के लिए मंजूरी देने की स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित करना भी जरूरी है।
निर्माण अनुमति, एनओसी, स्थल निरीक्षण, एफएसआई-टीडीआर प्रमाण पत्र, पूर्णता प्रमाण पत्र और अधिभोग प्रमाण पत्र जारी करने की पूरी प्रक्रिया को शत-प्रतिशत ऑनलाइन करने की मांग क्रिएटिव फोरम-आर्किटेक्ट एंड लाइसेंस इंजीनियर्स एसोसिएशन ने की है।
आवेदन में कमी पाए जाने पर बार-बार अलग-अलग आपत्तिया भेजने के बजाय सभी त्रुटियों की जानकारी एक साथ देने की मांग भी की गई है।
छोटी-मोटी त्रुटियों को ऑनलाइन सुधारने की सुविधा उपलब्ध कराने से आवेदकों को दोबारा पूरी प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी और अधिकारियों का समय भी बचेगा। एक निर्माण प्रस्ताव के लिए अलग-अलग विभागों में फॉलोअप करना पड़ता है।
इससे आर्किटेक्ट, लाइसेंस इंजीनियर और जमीन मालिकों का समय और श्रम दोनों खर्च होते हैं। इसलिए सभी संबंधित विभागों को एक ही डिजिटल प्रणाली से जोड़कर 'सिंगल विंडो' व्यवस्था लागू करने की मांग की गई है।