

Mumbai Women Safety Devendra Fadnavis: निजी कंपनियों और शैक्षणिक संस्थानों में कथित धर्मातरण तथा महिला उत्पीड़न के मामलों को लेकर महाराष्ट्र सरकार ने कानूनों की समीक्षा और सुधार की दिशा में कदम बढ़ाने का निर्णय लिया है। विधान परिषद में इस मुद्दे पर हुई चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की कि दोनों सदनों की महिला विधायकों की एक विशेष समिति गठित की जाएगी, जो मौजूदा कानूनी व्यवस्था का अध्ययन कर आवश्यक सुधारों की सिफारिश करेगी। भाजपा विधायक चित्रा वाघ ने सदन में कहा कि अब केवल
गरीब और अशिक्षित लोगों को ही नहीं, बल्कि कॉर्पोरेट क्षेत्र में कार्यरत उच्च शिक्षित महिलाओं को भी धर्मांतरण के लिए निशाना बनाए जाने के आरोप सामने आ रहे हैं। उन्होंने ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई, दोषियों को ब्लैकलिस्ट करने और महिला कर्मचारियों के लिए 24×7 गोपनीय हेल्पलाइन शुरू करने की मांग की।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नाशिक के चर्चित मामले में नौ अपराध दर्ज किए गए हैं और शिकायत पर कार्रवाई न करने वाले प्रबंधक को भी आरोपी बनाया गया है। हालांकि, टीसीएस की प्रत्यक्ष भूमिका सामने नहीं आई है और कंपनी ने जांच में सहयोग किया है।
शिवसेना विधायक डॉ. मनीषा कायंदे ने दावा किया कि सोलापुर के सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में 150 छात्राओं को कथित रूप से धर्मांतरण के लिए प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में छात्राओं की लिखित शिकायत उन्हें प्राप्त हुई है और मामले की तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
डॉ. कायंदे ने पुणे की एक निजी कंपनी में महिला कर्मचारी के यौन उत्पीड़न और शिकायत के बाद नौकरी से निकाले जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि शिकायत करने वाली महिलाओं को सुरक्षा मिलनी चाहिए और दोषी संस्थानों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आश्वासन दिया कि समिति की सिफारिशों के आधार पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रभावी उपाय लागू किए जाएंगे।