पुणे मनपा में विकास निधि पर रार, टिंगरे के प्रभाग का 11.5 करोड़ फंड ट्रांसफर, भाजपा पर बोला हमला

Pune PMC Development Fund Row: पुणे मनपा की स्थायी समिति ने सुहास टिंगरे के प्रभाग का 11.5 करोड़ रुपये का फंड दूसरे प्रभाग में भेजा। टिंगरे ने भाजपा पर राजनीतिक बदले की भावना का आरोप लगाया।
Row over development funds in Pune Municipal Corporation11.5 crore fund transferred from Tingre's ward
पुणे मनपा सोर्स- सोशल मीडिया
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PMC Development Fund Controversy: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नगरसेवक अमोल बालवडकर द्वारा मंत्री चंद्रकांत पाटील की निधि से किए गए विकास कार्यों की जांच की मांग को लेकर प्रस्ताव पेश किए जाने के बाद अब नगरसेवक सुहास टिंगरे के प्रभाग की विकास निधि को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पुणे महानगर पालिका की स्थायी समिति ने प्रभाग क्रमांक 2 'ड' के विकास कार्यों के लिए निर्धारित करीब साढ़े 11 करोड़ रुपये की निधि प्रभाग क्रमांक 3 के कामों के लिए ट्रांसफर करने का निर्णय लिया है। टिंगरे ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए भाजपा पर निशाना साधा है।

राजनीतिक बदले की भावना से काम कर रही भाजपा

नगरसेवक टिंगरे के अनुसार, प्रभाग 2 'ड' में पिछले छह महीने से विभिन्न विकास कार्यों की योजना बनाई जा रही थी और उनके लिए निधि निर्धारित थी। इसमें ड्रेनेज लाइन, जलतरण तालाब, खेल मैदान, आंतरिक सड़कें तथा महिला, वरिष्ठ नागरिक, युवाओं और बच्चों से जुड़े कार्य शामिल थे। उनका आरोप है कि इन कामों की निधि अचानक दूसरे प्रभाग में स्थानांतरित कर दी गई। भाजपा अब राजनीतिक बदले की भावना से काम कर रही है।

प्रस्ताव पर हस्ताक्षर बना निशाना ?

टिंगरे ने दावा किया कि कुछ दिन पहले अमोल बालवडकर ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं तथा विकास कार्यों की जांच के संबंध में प्रस्ताव पेश किया था। उन्होंने इस प्रस्ताव का अनुमोदन किया था।

टिंगरे का आरोप है कि इसी राजनीतिक नाराजगी के चलते उनके प्रभाग की पूरी निधि शून्य कर उसे प्रभाग क्रमांक 3 में आवंटित किया गया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध राजनीति के स्तर पर होना चाहिए, लेकिन इसका असर आम नागरिकों के विकास कार्यों पर नहीं पड़ना चाहिए। टिंगरे ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों का हवाला देते हुए कहा कि संसदीय लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे के पूरक होते हैं, दुश्मन नहीं। उन्होंने संविधान का हवाला देते हुए जनहित के मुद्दे उठाने के अधिकार पर भी सवाल उठाया।

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भिमाले ने स्पष्ट जवाब नहीं दिया

स्थायी समिति के अध्यक्ष श्रीनाथ भिमाले ने बैठक के बाद पत्रकार परिषद में विभिन्न प्रस्तावों की जानकारी दी। हालांकि, टिंगरे के प्रभाग की निधि आवंटित किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा, 'आज बहुत सारे प्रस्ताव मंजूर किए गए हैं, आप प्रस्ताव देख लीजिए।' बाद में उन्होंने स्वीकार किया कि प्रभाग क्रमांक 2 'ड' की करीब 12 करोड़ रुपये की निधि प्रभाग क्रमांक 3 में ट्रांसफर की गई है। हालांकि, यह निधि किस कारण और किन विकास कार्यों के लिए स्थानांतरित की गई, इसका स्पष्ट जवाब वे नहीं दे सके।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी नगरसेवक सुहास टिंगरे

मैंने एक सहकर्मी के प्रस्ताव का समर्थन किया था। अगर यही मेरी गलती है तो इसकी सजा जनता के विकास निधि को क्यों दी जा रही है? राजनीतिक विरोध राजनीति में होना चाहिए, लेकिन नागरिकों के विकास कार्यों को रोकना उचित नहीं है।

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