PMC Elections: प्रभाग- 26 की बदहाल तस्वीर बनेगी चुनावी मुद्दा, घोरपड़े-गुरुवार पेठ में भारी समस्या
Pune Municipal Corporation Elections : पुणे वार्ड 26 (घोरपड़े-गुरुवार-समताभूमि) बुनियादी सुविधाओं, जर्जर बाड़ों और ट्रैफिक जाम से जूझ रहा है; नागरिक स्वास्थ्य और सफाई गंभीर समस्या में।
- Written By: आकाश मसने
पुणे में ट्रैफिक (सोर्स: सोशल मीडिया)
Pune News In Hindi: पुणे शहर को देश के सबसे सुगम, सुंदर और रहने योग्य महानगरों में गिना जाता है। लेकिन इसी पुणे शहर का वार्ड क्रमांक 26 (घोरपड़े पेठ-गुरुवार पेठ-समताभूमि) आज भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। यह शहर का सबसे पुराना इलाका माना जाता है। पहले यह प्रभाग क्रमांक 18 था, जिसे नई प्रभाग रचना मे 26 किया गया है। घनी आबादी, संकरी गलियां, जर्जर बाड़े और अव्यवस्थित नागरिक सुविधाओं ने इस पूरे इलाके को गंभीर संकट में डाल दिया है।
दिनभर ट्रैफिक जाम की स्थिति घोरपड़े पेठ और गुरुवार पेठ क्षेत्र में आजा भी पुराने और जर्जर बाड़ों की भरमार है। संकरी सड़कों के कारण यहां दिनभर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वर्षों से पीने के पानी, सीवरेज और ड्रेनेज व्यवस्था का कोई ठोस नियोजन नहीं किया गया है। कई हिस्सों में पीने के पानी की पाइपलाइन और मलनिस्सारण लाइन एक साथ गुजर रही हैं, जिससे नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। गंदा पानी, बदबू और बार-बार फैलने वाली बीमारियां यहां की रोजमर्रा की समस्या बन चुकी हैं।
व्यस्तम इलाकों से घिरा
यह प्रभाग पुणे शहर के प्रमुख और व्यस्त इलाकों से घिरा हुआ है। इसमें घोरपड़े पेठ, गुरुवार पेठ और समताभूमि के साथ गोटीराम काची मंडई, स्वारगेट, कस्तुरे चौक, पालकी विठोबा चौक, जय जवान मित्र मंडल, किराड आली और सेवन लव होटल जैसे महत्वपूर्ण स्थान शामिल है। इस क्षेत्र में मराठा समाज, मारवाड़ी, गुजराती, मातंग समाज, माली समाज, भोई, किराह, लोधी, मिठाईवाले, घोडेवाले, बीड़ी कामगार और सफाई कामगार जैसे विविध सामाजिक घटक निवास करते हैं।
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अधिकांश विकास कार्य ठप
इलाके में अतिक्रमण तेजी से बढ़ा है। फुटपाथ और सड़कों पर अवैध कब्जों के कारण यातायात और अधिक बाधित हो रहा है। अस्वच्छता की समस्या गंभीर बनी हुई है। पुराने वाड़ों के मालिकों और किरायेदारों के बीच विवाद सुलझाने में भी प्रशासन पूरी तरह नाकाम रहा है। नागरिकों का आरोप है कि पिछले चार वर्षों से वार्ड में निर्वाचित नगरसेवक और शहर में महापौर नहीं होने के कारण अधिकांश विकास कार्य ठप पड़े हैं।
प्रशासन के लिए चेतावनी
नागरिक अशोक कांबले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि ड्रेनेज साफ करने के लिए करीब डेढ़ करोड़ रुपये की मशीनें दो वर्षों तक घोरपड़े उद्यान में पड़ी रहीं। जब इस संबंध में वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तब जाकर महापालिका ने उन मशीनों को वहां से हटाया। कांबले का कहना है कि जब तक नागरिक आवाज नहीं उठाते, तब तक प्रशासन हरकत में नहीं आता है।
