पिंपरी-निगडी मेट्रो जनवरी 2027 तक होगी पूरी, जल संकट पर मंत्री उदय सामंत का ऐलान
Water Supply Plan: महाराष्ट्र विधान परिषद में पिंपरी-निगडी मेट्रो को जनवरी 2027 तक पूरा करने की घोषणा की गई। साथ ही जल संकट दूर करने के लिए 620 MLD अतिरिक्त पानी लाने की योजना पर काम जारी है।
- Written By: अपूर्वा नायक
उदय सामंत (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Pimpri Nigdi Metro Completion Update 2027: पिंपरी-निगडी मेट्रो परियोजना को लेकर सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। महाराष्ट्र विधान परिषद में मंत्री उदय सामंत ने बताया कि यह परियोजना जनवरी 2027 तक पूरी कर ली जाएगी। इससे शहर के यातायात में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है।
विधान परिषद में विधायक उमा खापरे ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से शहर के कई अहम मुद्दों को उठाया। उन्होंने मेट्रो, जलापूर्ति की कमी और नदी प्रदूषण सहित 10 गंभीर समस्याओं पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
शहर में पानी की भारी कमी
उमा खापरे ने बताया कि पिंपरी-चिंचवड़ की लगभग 40 लाख आबादी के लिए वर्तमान जलापूर्ति पर्याप्त नहीं है। शहर को प्रतिदिन 750 एमएलडी पानी की जरूरत है, जबकि अभी केवल 620 एमएलडी पानी की आपूर्ति हो रही है।
सम्बंधित ख़बरें
Water Crisis: हाडशी में पानी की बूंद-बूंद के लिए संघर्ष, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
कोथरूड की 38 गुंठा मनपा जमीन आवंटन पर विवाद, विपक्ष के विरोध के बीच प्रस्ताव मंजूर
पुणे मनपा की 5 अंग्रेजी स्कूलें 9 साल के लिए आकांक्षा फाउंडेशन को सौंपी जाएंगी, विपक्ष का जोरदार विरोध
पुणे में मानसून से निपटने के बड़े दावे, 260 जलभराव स्थलों पर तैयारी, कई प्री-मानसून काम अब भी अधूरे
अतिरिक्त पानी की योजना पर काम जारी
मंत्री उदय सामंत ने बताया कि पवना बांध से 520 एमएलडी और आंध्रा बांध से 100 एमएलडी पानी लाने की योजना पर काम चल रहा है। इस योजना के पूरा होने से जल संकट को काफी हद तक दूर किया जा सकेगा।
विकास कार्यों में तेजी का दावा
सरकार ने यह भी बताया कि भामा आसखेड परियोजना में देरी करने वाले ठेकेदार को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा मुला नदी सुधार योजना का लगभग 93 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जिससे शहर की पर्यावरण स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है।
ये भी पढ़ें :- लाडकी बहिन योजना की ई-केवाईसी अंतिम तारीख 31 मार्च, महिलाओं में बढ़ी चिंता
नदी प्रदूषण पर संयुक्त प्रयास
पवना और इंद्रायणी नदियों के प्रदूषण को कम करने के लिए भी संयुक्त योजना पर काम किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि इन प्रयासों से आने वाले समय में शहर की बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा और नागरिकों को राहत मिलेगी।
