पिंपरी-चिंचवड़ में पानी की किल्लत: पवना बांध से 405 MLD पानी छोड़ने का दावा, फिर रावेत में क्यों घटा जलस्तर?

Pimpri Chinchwad News: पिंपरी-चिंचवड़ में रावेत बंधारे का जलस्तर घटने से जलापूर्ति चरमरा गई है। मनपा ने पानी चोरी की आशंका जताई है, जबकि जल संपदा विभाग पर्याप्त पानी छोड़ने का दावा कर रहा है।
Water supply affected in Pimpri-Chinchwad due to a drop in water levels at the Ravet barrage
पवना बांध, प्रतीकात्मक तस्वीरसोर्स- सोशल मीडिया
Published on: 
Updated on: 

Highlights

  • पिंपरी-चिंचवड़ में रावेत बंधारे का जलस्तर घटने से जलापूर्ति प्रभावित।

  • जल संपदा विभाग के अनुसार रोज 405 एमएलडी पानी छोड़ा जा रहा है।

  • मनपा ने पवना नदी से पानी चोरी की आशंका जताई, जांच की मांग उठी।

Pimpri Chinchwad Water Crisis: पवना बांध से शहर के लिए पर्याप्त पानी छोड़े जाने का दावा जल संपदा विभाग कर रहा है, लेकिन पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका का कहना है कि रावेत बंधारे में जलस्तर घटने से जलापूर्ति प्रभावित हो रही है। दोनों विभागों के दावों के बीच शहर में पानी की उपलब्धता और वितरण को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

मनपा ने पवना नदी से पानी चोरी होने की आशंका जताई है, जबकि जल संपदा विभाग के अनुसार, निर्धारित 10 प्रतिशत कटौती के बाद भी प्रतिदिन 405 मिलियन लीटर (एमएलडी) पानी छोड़ा जा रहा है। ऐसे में सवाल है कि बांध से छोड़े जा रहे पानी और शहर को मिल रही आपूर्ति के बीच अंतर क्यों है? इसका स्पष्ट जवाब अब तक सामने नहीं आया है।

रावेत बंधारे से होती है शहर को जलापूर्ति

पवना बांध से नदी में छोड़ा गया पानी रावेत बंधारे तक पहुंचता है। यहीं से मनपा पिंपरी-चिंचवड़ शहर में जलापूर्ति करती है। बंधारे में पानी का स्तर घटने से जल उपसा केंद्र पर असर पड़ा है। शहर के कुछ हिस्सों में आपूर्ति बाधित हुई है, जबकि कई इलाकों में पानी का दबाव बदलने की शिकायतें मिली हैं। पहले से एक दिन छोड़कर पानी मिलने के कारण परेशान नागरिकों को अब समय सारिणी में बदलाव से भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

Water supply affected in Pimpri-Chinchwad due to a drop in water levels at the Ravet barrage
मूला-मुठा नदी का प्रदूषण से बिगड़ा पारिस्थितिकी संतुलन, आघारकर संस्थान के अध्ययन में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

समझौते से पहले मनपा पवना नदी से प्रतिदिन 450 एमएलडी पानी उठा रही थी। दस प्रतिशत कटौती के बाद यह मात्रा 405 एमएलडी रह गई है। जल संपदा विभाग का कहना है कि बांध से इसी निर्धारित मात्रा के अनुसार पानी छोड़ा जा रहा है और इसका दैनिक रिकॉर्ड रखा जाता है। हालांकि, बांध से छोड़े गए पानी और मनपा द्वारा उठाए जा रहे पानी के आंकड़ों में स्पष्टता नहीं होने से वास्तविक स्थिति सामने नहीं आ रही है।

पिंपरी-चिंचवड़ मनपा के सहशहर अभियंता अजय सूर्यवंशी के अनुसार, रावेत स्थित जल उपसा केंद्र पर पानी का स्तर घटने से जलापूर्ति प्रभावित हुई है। बांध से आने वाले पानी की मात्रा कम होने की आशंका के साथ पवना नदी से पानी चोरी होने की संभावना भी जताई गई है। इस मामले में जांच की जरूरत बताई जा रही है।

Water supply affected in Pimpri-Chinchwad due to a drop in water levels at the Ravet barrage
पुणे में डेंगू पर मनपा आयुक्त सख्त, निजी अस्पतालों को IH​​IP पोर्टल पर मरीजों का डेटा तुरंत दर्ज करने का आदेश

जलापूर्ति नियोजन पर उठे सवाल

  • दस प्रतिशत कटौती पहले से निर्धारित होने के बावजूद जलापूर्ति का नियोजन क्यों बिगड़ा, यह अहम सवाल है।

  • रावेत बंधारे में जलस्तर घटने के कारणों की जांच के साथ बांध से छोड़े गए पानी, नदी में उपलब्ध मात्रा और मनपा द्वारा उठाए जा रहे पानी का तुलनात्मक हिसाब सामने आना जरूरी है।

  • फिलहाल दोनों विभागों के दावों के बीच शहरवासियों को नियमित और पर्याप्त पानी कब मिलेगा, यह स्पष्ट नहीं है।

रावेत जल उपसा केंद्र पर पानी का स्तर हुई घटने से जलापूर्ति प्रभावित है। बांध से आने वाले पानी की मात्रा कम होने की आशंका है। इसके पीछे नदी से पानी चोरी होने की संभावना भी है।

अजय सूर्यवंशी, सहशहर अभियंता, मनपा

Navbharat Live
navbharatlive.com