

पुणे मनपा आयुक्त ने निजी अस्पतालों को डेंगू मरीजों का विवरण तुरंत ऑनलाइन दर्ज करने के निर्देश दिए।
मरीजों का तत्काल उपचार और प्लेटलेट्स कम होने पर विशेष सावधानी बरतने पर जोर।
मच्छरों की रोकथाम, स्वच्छता और जनजागरूकता अभियान तेज करने की अपील।
Pune Municipal Corporation: पुणे शहर में डेंगू के बढ़ते मामलों के मद्देनजर पुणे मनपा आयुक्त नवल किशोर राम ने निजी अस्पतालों को मरीजों की जानकारी तत्काल ऑनलाइन दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि डेंगू की पुष्टि होते ही मरीज का विवरण इंटीग्रेटेड हेल्थ इन्फॉर्मेशन प्लेटफॉर्म (आईएचआईपी) पोर्टल पर अपडेट किया जाए। इससे बीमारी की निगरानी और जरूरी कदम उठाने में मदद मिलेगी।
साथ ही, मरीजों का उपचार तत्काल शुरू करने और उनके परिजनों को बीमारी के लक्षण, उपचार तथा बचाव के उपायों की जानकारी देने पर जोर दिया। मनपा मुख्यालय में सोमवार को आयुक्त की अध्यक्षता में निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। इसमें स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, सहायक स्वास्थ्य अधिकारियों और क्षेत्रीय चिकित्सा अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
आयुक्त ने निजी अस्पतालों से डेंगू सहित अन्य बीमारियों के उपचार के लिए आने वाले मरीजों को मनपा की शहरी गरीब योजना की जानकारी देने और पात्र नागरिकों तक इसका लाभ पहुंचाने की अपील की। बैठक में अस्पताल प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याएं रखी। आयुक्त ने संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई और समाधान का आश्वासन दिया। मनपा के अनुसार, डेंगू नियंत्रण के लिए कीटनाशक छिडकाव और जनजागरण अभियान चलाए जा रहे हैं।
नागरिकों से स्वच्छता बनाए रखने और आसपास पानी जमा नहीं होने देने की अपील की गई है। पुणे मनपा आयुक्त ने निर्देश दिए कि डेंगू के मरीजों को जरूरत के अनुसार अस्पताल में भर्ती कर तत्काल उपचार शुरू किया जाए, डेंगू के अलावा अन्य बीमारियों के मरीजों की जानकारी भी निदान के तुरंत बाद आईएचआईपी पोर्टल पर दर्ज की जाए। समय पर जानकारी मिलने से स्वास्थ्य विभाग को बीमारी की स्थिति पर नजर रखने में मदद मिलेगी।
पुणे शहर डेंगू के कुछ मरीजों में बीमारी के अगले चरण में प्लेटलेट्स की संख्या कम हो सकती है। ऐसे में बुखार का उपचार लेकर घर लौटने वाले मरीजों को भी अपनी सेहत पर नजर रखनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
आयुक्त ने अस्पतालों को ओपीडी के साथ भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को भी बीमारी की गंभीरता, उपचार और जरूरी सावधानियों के बारे में जागरूक करने के निर्देश दिए। डेंगू की रोकथाम के लिए नागरिकों को मच्छरदानी का इस्तेमाल करने, पानी के बर्तनों और भंडारण पात्रों की नियमित सफाई करने तथा घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने की सलाह दी गई। मच्छरों के पनपने वाले स्थानों को नष्ट करना भी जरूरी है।