

Pimpri Chinchwad Dog Attack On 5 Year Old Girl: महाराष्ट्र के शहरी इलाकों में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार खतरनाक रूप लेता जा रहा है। पुणे जिले के पिंपरी चिंचवड़ से एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां महज 5 साल की मासूम बच्ची पर 7 आवारा कुत्तों के झुंड ने जानलेवा हमला कर दिया।
महज 46 सेकंड तक चले इस दर्दनाक हमले में बच्ची के शरीर, सिर और हाथ-पैरों पर गंभीर घाव आए हैं, जिन पर डॉक्टरों को 85 से 90 टांके लगाने पड़े। वहीं दूसरी ओर, ठाणे जिले के कल्याण में भी बीते दो दिनों के भीतर 150 से अधिक नागरिक आवारा कुत्तों के काटने का शिकार हो चुके हैं।
चेतावनी: वीडियो का कुछ दृश्य आपको विचलित कर सकता है।
घटना पिंपरी चिंचवाड़ के म्हेत्रे रिहायशी इलाके की है। पीड़ित बच्ची आशिंका मिश्रा (5 वर्ष) अपने घर के पास थी, तभी अचानक 7 आवारा कुत्तों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। कुत्तों ने आशिंका को जमीन पर पटक दिया और लगातार 46 सेकंड तक उसके अंगों को नोंचते रहे।
बच्ची की चीख-पुकार सुनकर जब तक आसपास के नागरिक दौड़े और कुत्तों को भगाया, तब तक मासूम लहूलुहान हो चुकी थी। आशिंका के पिता गिरिधर मिश्रा ने बताया कि बच्ची के सिर, हाथों और पैरों में बेहद गहरे घाव आए हैं और अस्पताल में उसके शरीर पर 90 टांके लगाए गए हैं। इस घटना ने नगर निगम प्रशासन द्वारा आवारा कुत्तों की नसबंदी पर खर्च किए गए 7 करोड़ के बजट पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उधर ठाणे के कल्याण क्षेत्र में भी आवारा कुत्तों के काटने के मामलों में अचानक भारी उछाल आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कल दिनभर में 100 से अधिक लोगों को कुत्तों ने अपना शिकार बनाया, जबकि आज सुबह से ही 50 से 60 नए मरीज अस्पताल पहुंचे हैं।
अस्पतालों में एंटी-रेबीज (Anti-Rabies) इंजेक्शन और इलाज के लिए मरीजों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। केस पेपर के लिए केवल एक काउंटर खुला होने के कारण खून से लथपथ मरीजों, बुजुर्गों और महिलाओं को 2 से 3 घंटे तक कतार में खड़ा रहना पड़ रहा है, जिससे कई मरीज चक्कर खाकर गिर रहे हैं।
पिंपरी चिंचवड़ और कल्याण दोनों ही शहरों के निवासियों ने स्थानीय नगर निगमों के खिलाफ भारी गुस्सा जताया है। नागरिकों का कहना है कि नसबंदी और रेबीज टीकाकरण के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर आवारा कुत्तों की संख्या और उनका आक्रामक रवैया कम होने का नाम नहीं ले रहा है। लोगों ने प्रशासन से तुरंत आवारा कुत्तों को पकड़ने और अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।