नागपुर हॉकी पर गहराया संकट! 6 दशक पुराना VHA मैदान छिनने की कगार पर; अब कहाँ खेलेंगे शहर के खिलाड़ी?

VHA Hockey Ground: नागपुर के VHA के 6 दशक पुराने मैदान पर 13 अगस्त को कब्जे की कार्रवाई प्रस्तावित है। शहर में हॉकी मैदान नहीं होने से खिलाड़ियों के सामने अभ्यास का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
Crisis deepens for Nagpur hockey! The six-decade-old VHA ground is on the verge of being lost
नागपुर विदर्भ हॉकी एसोसिएशन (वीएचए) का विवादAI जनरेटेड इमेज
Updated on

Nagpur Hockey Ground Crisis: नागपुर विदर्भ हॉकी एसोसिएशन (वीएचए) का विवाद अब सिर्फ एक संस्था के अस्तित्व का सवाल नहीं रह गया है। वर्षों की खींचतान के बाद हॉकी गतिविधियां पहले ही प्रभावित हो चुकी हैं और अब अमरावती रोड स्थित वीएचए का 6 दशक पुराना मैदान भी प्रशासन के पास जाने की कगार पर है। 13 अगस्त को मैदान का कब्जा लेने की कार्रवाई प्रस्तावित है।

ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि मैदान गया तो नागपुर के हॉकी खिलाड़ी और बच्चे खेलेंगे कहां? स्थिति इसलिए भी गंभीर है क्योंकि नागपुर शहर में वर्तमान में एक भी मैदान नहीं है और न ही हॉकी एस्ट्रोटर्फ है।

जिस खेल में नियमित अभ्यास और बेहतर सतह बेहद जरूरी है, वहां खिलाड़ियों के पास आधुनिक सुविधा का अभाव है। मानकापुर में एस्ट्रोटर्फ मैदान को मंजूरी मिल चुकी है लेकिन सालों बाद भी मामला टेंडर प्रक्रिया से आगे नहीं बढ़ पाया। ऐसे में एक तरफ पुराना मैदान हाथ से निकल रहा है और दूसरी तरफ नया एस्ट्रोटर्फ अभी कागजों और प्रक्रिया में ही अटका है।

अब जवाब चाहिए

  • VHA मैदान के बाद बच्चे खेलेंगे कहां?

  • नागपुर में एक भी एस्ट्रोटर्फ क्यों नहीं?

  • मानकापुर का स्वीकृत एस्ट्रोटर्फ सालों से टेंडर में क्यों अटका?

  • मैदान जाने से पहले वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं?

  • खिलाड़ियों के नियमित कैप और प्रतियोगिताएं कहां होंगी?

  • नई पीढ़ी के हॉकी खिलाड़ियों के भविष्य की जिम्मेदारी कौन लेगा?

बच्चों के भविष्य की योजना कौन बनाएगा?

वीएचए का मैदान सिर्फ जमीन का टुकड़ा नहीं है। दशकों तक यहां प्रशिक्षण, चयन शिविर और हॉकी प्रतियोगिताएं होती रहीं, इसी व्यवस्था से खिलाडी आगे बढ़े और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे।

वीएचए के सक्रिय दौर में सब जूनियर, जूनियर और सीनियर वर्ग के लड़के-लड़कियों की करीब 6 टीमें राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में जाती थीं। एक टीम में 18 खिलाड़ी मानें तो हर वर्ष करीब 108 खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर खेलने का अवसर मिलता था।

राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के प्रमाणपत्रों के आधार पर कई खिलाड़ियों को खेल कोटे से सरकारी नौकरी भी मिलीं। यानी मैदान और संगठन ने खिलाड़ियों के लिए खेल से रोजगार तक का रास्ता तैयार किया, आज वही व्यवस्था कमजोर है और अब मैदान भी संकट में है।

Crisis deepens for Nagpur hockey! The six-decade-old VHA ground is on the verge of being lost
नागपुर विदर्भ हॉकी एसोसिएशन (वीएचए) का विवादAI जनरेटेड इमेज

गुटों की लड़ाई से बाहर निकलना होगा

वीएचए के विवाद के बाद नागपुर में हॉकी की अलग-अलग संस्थाओं के दावे और आपसी खींचतान भी जारी रही है। इसका नुकसान अंततः खिलाड़ी को हुआ।

राष्ट्रीय मंच सीमित हुआ और अब मैदान का संकट सामने है, पद और संस्था की लड़ाई अपनी जगह है लेकिन खिलाडी का करिअर इंतजार नहीं करता।

प्रशासन, महाराष्ट्र हॉकी, स्थानीय हॉकी संस्थाओं, पुराने खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को एक साथ बैठकर तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था पर निर्णय लेना होगा क्योंकि अगर वीएचए का मैदान चला गया और मानकापुर का एस्ट्रोटर्फ अभी भी टेंडर में ही अटका रहा तो नागपुर के सामने एक अजीब स्थिति होगी। वह यह कि हॉकी खेलने वाले बच्चे तो होंगे लेकिन खेलने के लिए मैदान नहीं।

Crisis deepens for Nagpur hockey! The six-decade-old VHA ground is on the verge of being lost
13 अगस्त को खत्म हो जाएगा हॉकी का अस्तित्व, नागपुर में हॉकी का मैदान इतिहास बनने की ओर

बच्चों के भविष्य के बारे में नहीं सोचा

नेशनल हॉकी खिलाड़ी एवं नेशनल रेफरी रहे प्रमोद जैन ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि मैदान की लीज 2037 तक है। ऐसे में इतनी जल्दबाजी में लीज समाप्त करना उचित नहीं है। प्रशासन को पहले कमियां दूर करने के लिए समय देना चाहिए था। उन्होंने कहा, 'मैदान का रखरखाव ठीक नहीं था तो सुधार के लिए नोटिस देकर निगरानी की जा सकती थी।

6 महीने या सालभर व्यवस्था देखकर फिर कार्रवाई होती लेकिन बच्चों के भविष्य के बारे में नहीं सोचा गया, वे कहां खेलेंगे, इसकी कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई, ऐसा लगता है कि निर्णय जल्दबाजी में लिया गया है।'

Crisis deepens for Nagpur hockey! The six-decade-old VHA ground is on the verge of being lost
लाइव मैच में प्रसिद्ध कृष्णा और एरोन फिंच के बीच हुई 'तू-तू, मैं-मैं,' कैमरे में कैद हुई बहस- Video

गलत कार्रवाई हुई तो हाई कोर्ट जाएंगेः जोशी

वीएचए को-ऑर्डिनेटर कृष्णा जोशी ने कहा कि मैदान को लेकर प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ वे कानूनी प्रक्रिया अपना रहे हैं, नागपुर कमिश्नर के समक्ष सुनवाई हो चुकी है और सोमवार को आदेश आने की संभावना है। उन्होंने कहा, 'अगर आदेश हमारे खिलाफ आता है तो हम तुरंत हाई कोर्ट जाएंगे, हमें लगता है कि कार्रवाई गलत तरीके से की जा रही है।

यह भी पढ़ें:-विदर्भ के 4 लाख किसानों को बड़ा झटका! फसल ऋण माफी योजना से हुए अपात्र; जानें क्या है सरकार की नई शर्त

पूरे मामले के तथ्य दस्तावेजों के आधार पर सामने आने चाहिए, किसी के कहने पर नहीं, हमें यह भी समझ नहीं आ रहा कि प्रशासन इतनी जल्दबाजी क्यों कर रहा है। खिलाड़ियों में भी इस कार्रवाई को लेकर नाराजगी है।

हमारा प्रयास है कि मैदान और खिलाड़ियों का भविष्य सुरक्षित रहे।' मामले का समाधान मुख्यमंत्री कर सकते हैं, हम समाधान निकालने के लिए उनसे भी मुलाकात करेंगे।

-नवभारत लाइव के लिए नागपुर से जयदीप रघुवंशी की रिपोर्ट

Navbharat Live
navbharatlive.com