पिंपरी-चिंचवड: चार साल में पांच पुलिस, एक भी पूरा न कर सके ‘टर्म’
- Written By: संतोष मिश्रा
पिंपरी: पुणे शहर और ग्रामीण पुलिस बल की सीमा को विभाजित कर बने पिंपरी-चिंचवड पुलिस आयुक्तालय (Pimpri-Chinchwad Police Commissionerate) को बमुश्किल चार साल हुए हैं। इस अवधि के दौरान शहर को पांच पुलिस कमिश्नर (Police Commissioner) मिले। अब तक के चार पुलिस आयुक्तों में से कोई भी अधिकारी अपना दो साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया है। निवर्तमान पुलिस कमिश्नर करीबन आठ माह ही यहां रह सके। अब तक मिले चारों पुलिस आयुक्तों का समय से पहले तबादला कर दिया गया है। नए पुलिस कमिश्नर विनय कुमार चौबे (New Police Commissioner Vinay Kumar Choubey) अब तक के चारों पुलिस आयुक्तों में अपवाद साबित होंगे या नहीं? इस ओर सभी की निगाहें गड़ी हुई है।
पिंपरी-चिंचवड शहर के लिए अलग पुलिस आयुक्तालय 15 अगस्त 2018 को शुरू किया गया। आयुक्तालय के निर्माण के आदेश में कहा गया था कि यहां पुलिस कमिश्नर के पद पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रैंक का अधिकारी नियुक्त होगा। आर.के. पद्मनाभन को पिंपरी-चिंचवड के पहले पुलिस कमिश्नर के रूप में नियुक्त किया गया था। उन्होंने प्रथम वर्ष में आयुक्तालय का कामकाज सुचारू करने का प्रयास किया। उसके बाद 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के मद्देनजर उनका तबादला कर दिया गया था। उन्हें बाद यहां 13 माह छह दिन का कार्यकाल मिला। उनके बाद अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रैंक के संदीप बिश्नोई को 11 जुलाई, 2019 को नियुक्त किया गया। वे 11 माह 12 दिन ही इस पद पर थे।
कमिश्नर अंकुश शिंदे का आठ माह में हुआ तबादला
पिंपरी-चिंचवड पुलिस आयुक्तालय में शुरू में आए दोनों आयुक्त अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के स्तर के थे। हालांकि, सितंबर 2020 में विशेष पुलिस महानिरीक्षक कृष्ण प्रकाश का कमिश्नर के रूप में तबादला कर दिया गया। उस समय यहां के कमिश्नर पद को पदावनत कर दिया गया था। कृष्ण प्रकाश को 19 माह 16 दिन का कार्यकाल मिला। फिर उनके बाद अप्रैल 2022 में विशेष पुलिस महानिरीक्षक रैंक के अधिकारी अंकुश शिंदे को नियुक्त किया गया। अंकुश शिंदे को 18 अप्रैल 2022 को कमिश्नर के रूप में नियुक्त किया गया था। महज आठ महीने में उनका ट्रांसफर नासिक पुलिस कमिश्नर के पद पर कर दिया गया है। अंकुश शिंदे पिछले कुछ दिनों में शहर पुलिस बल में कई कार्रवाइयों के कारण सुर्खियों में रहे। ऑनलाइन लॉटरी सेंटर पर छापा मारने के बाद उन्होंने कई अधिकारी और कर्मचारियों का तबादला किया और चार लोगों को सस्पेंड कर दिया। उसके बाद शिंदे ने पालक मंत्री चंद्रकांत पाटिल पर स्याही हमले के बाद दस पुलिस अधिकारी और कर्मियों को निलंबित भी कर दिया। हालांकि बाद में यह निलंबन वापस लिया गया।
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कमिश्नर विनय कुमार चौबे तोड़ पाएंगे अपवाद
पूरे सात माह 26 दिन के बाद अंकुश शिंदे को भी यहां से ट्रांसफर कर दिया गया। अब उनकी जगह विनय कुमार चौबे को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक पद पर पदोन्नत कर पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है। वर्ष 2020 में विनय कुमार चौबे को अपर पुलिस महानिदेशक के पद पर पदोन्नत किया गया है। उनके पास मुंबई में कई वर्षों का कार्य अनुभव है। वर्तमान में, वह राज्य के भ्रष्टाचार निरोधक विभाग के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के रूप में कार्यरत थे। वहां से उन्हें पिंपरी-चिंचवड शहर की जिम्मेदारी दी गई है। चौबे 1995 बैच के अधिकारी हैं और उन्होंने आईआईटी कानपुर से अपनी शिक्षा पूरी की है। वे शहर के पांचवें पुलिस कमिश्नर हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वे ‘टर्म’ पूरी न कर सकनेवाले अब तक के आयुक्तों में शुमार होते हैं या उनमें अपवाद साबित होते हैं?
