पवना नदी (सौ. सोशल मीडिया )
Pimpri Chichwad Pavana River: पिंपरी-चिंचवड़ शहर की जीवनदायिनी मानी जाने वाली पवना नदी इन दिनों भू-माफियाओं और अवैध अतिक्रमणकारियों के निशाने पर है।
Pimpri Chichwad स्थित बिर्ला अस्पताल के समीप नदी किनारे जिस प्रकार खुलेआम पेड़ों की कटाई और मिट्टी का भराव किया जा रहा है, उससे नदी का अस्तित्व ही खतरे में पड़ गया है।
हैरानी की बात यह है कि खेल के नाम पर ‘स्पोर्ट्स एकेडमी’ और मैदान तैयार करने के लिए नदी के पात्र को लगातार संकरा किया जा रहा है, लेकिन महानगरपालिका का पर्यावरण विभाग और क्षेत्रीय कार्यालय इस पूरे मामले पर मूकदर्शक बना हुआ है। नदी किनारे के विशाल पेड़ों को काटकर या उनके तनों को मिट्टी के मलबे से दबाकर प्राकृतिक जैव विविधता को नष्ट किया जा रहा है।
नदी पात्र में भारी मात्रा में पत्थर, मिट्टी और मलबा डालकर कृत्रिम जमीन तैयार की जा रही है, जिस पर अवैध रूप से व्यावसायिक दुकानें, खेल के मैदान और स्पोर्टस एकेडमी खड़ी हो रही हैं। दिनदहाड़े चल रहे इस खेल के कारण नदी का प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ता जा रहा है और वह धीरे-धीरे एक संकरे नाले में तब्दील होती जा रही है।
पर्यावरण प्रेमियों का आरोप है कि नदी सुधार परियोजना केवल कागजों और बैठकों तक ही सीमित रह गई है, जबकि जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है। अज्ञात लोगों द्वारा नदी के कैचमेंट एरिया में किए जा रहे इस भराव से भविष्य में बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं का खतरा भी बढ़ गया है।
पवना नदी के पात्र में खेल के मैदान के नाम पर जो पेड़ों की कटाई और मिट्टी का भराव किया जा रहा है, वह पर्यावरण के लिए एक गंभीर खतरा है। इससे नदी के अस्तित्व और जैव विविधता पर संकट मंडरा रहा है। प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप कर इस अवैध काम को रोकना चाहिए और संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
मारुति भापकर, सामाजिक कार्यकर्ता
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