पिंपरी में मानसून की तैयारियां तेज: कमिश्नर ने किया मूला नदी तट का निरीक्षण, अतिक्रमण हटाने के सख्त निर्देश

Pimpri Chinchwad PCMC: पिंपरी-चिंचवड़ मनपा आयुक्त डॉ. विजय सूर्यवंशी ने मूला नदी तट और नालों की सफाई का निरीक्षण किया। उन्होंने जलभराव व बाढ़ रोकने के लिए समय पर काम पूरा करने के निर्देश दिए।
PCMC Commissioner Dr. Vijay Suryavanshi reviewed pre-monsoon nala cleaning works at Mula river and ordered strict action against encroachments to prevent flooding.
पिंपरी-चिंचवड़ मनपा (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
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Pimpri Chinchwad Monsoon Preparedness: आगामी मानसून को देखते हुए पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका (पीसीएमसी) ने शहरभर में तैयारियां तेज कर दी हैं। मनपा आयुक्त डॉ. विजय सूर्यवंशी ने विभिन्न नालों और नदी तटों का दौरा कर सफाई एवं संरक्षण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी नालों की सफाई निर्धारित समय सीमा में पूरी की जाए, ताकि बारिश के दौरान जलभराव, बाढ़ और अन्य आपात स्थितियों से बचा जा सके।

मूला नदी तट का किया निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने पिंपले निलख स्थित शिक्षक कॉलोनी क्षेत्र में मूला नदी तट का दौरा किया। उन्होंने नदी और नालों की जल प्रवाह क्षमता का आकलन किया तथा संभावित संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहां आवश्यक निवारक उपाय तत्काल लागू करने के निर्देश दिए। डॉ. सूर्यवंशी ने कहा कि मानसून के दौरान नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने और संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।

अतिक्रमणों पर होगी सख्त कार्रवाई

पिंपरी-चिंचवड़ मनपा आयुक्त ने नालों और जलमार्गों के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा उत्पन्न करने वाले अतिक्रमणों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जल निकासी व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए अवैध निर्माण और अतिक्रमण हटाना आवश्यक है।

नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

इस अवसर पर अतिरिक्त आयुक्त कुलदीप जंगम, तृप्ति सांडभोर, उप आयुक्त डॉ. प्रदीप ठेंगल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने कहा कि मानसून के दौरान नागरिकों की सुरक्षा और शहर में सामान्य जनजीवन बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मनपा का दावा है कि समय पर सफाई, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और निवारक उपायों के जरिए इस वर्ष बारिश के मौसम में जलभराव और बाढ़ जैसी समस्याओं को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा।

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