Pune: पीसीएमसी चुनाव जनवरी में संभावित, स्टाफ न देने वाले संस्थानों पर शिकंजा
Pune News: पीसीएमसी चुनाव से पहले मतदान स्टाफ की कमी बड़ी चुनौती बन गई है। 15,000 में से सिर्फ 10,500 कर्मचारी उपलब्ध हैं, कई निजी संस्थानों ने चुनावी ड्यूटी से इनकार कर दिया है।
- Written By: अपूर्वा नायक
पिपरी-चिंचवड मनपा (सौ. सोशल मीडिया )
Pimpri Chinchwad News In Hindi: पिंपरी-चिंचवड महानगर पालिका के आगामी चुनाव जनवरी में होंने की संभावना है। हालांकि मतदान प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में अड़चनें आ रही है। मतदान प्रक्रिया के लिए आवश्यक 15,000 कर्मचारियों को जुटाने में प्रशासन को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
शहर के कुछ निजी स्कूलों, बैंकों, बीमा कंपनियों और सरकारी संस्थाओं ने अपने कर्मचारियों को चुनावी कार्य के लिए उपलब्ध कराने से साफ इनकार कर दिया है। इसे देखते हुए प्रशासन ने ऐसी संस्थाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का मन बना लिया है।
बढी मतदान केंद्रों की संख्या
इस बार पिंपरी-चिंचवड़ शहर में मतदाताओं की संख्या 17,13,891 होने के कारण मतदान केंद्रों की संख्या काफी बढ़ा दी गई है। एक-एक प्रभाग में 35,000 से 74,000 तक मतदाता हैं। 2017 के 1,068 केंद्रों की तुलना में इस बास 2,033 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। प्रत्येक केंद्र पर 5 कर्मचारियों की नियुक्ति और 30% आरक्षित कर्मचारियों को मिलाकर कुल 15,000 कर्मचारियों (13,000 मतदान औस 2,000 मतगणना के लिए) की आवश्यकता है।
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सिर्फ 10,500 कर्मचारी उपलब्ध
महानगर पालिका के सामान्य प्रशासन विभाग ने विभिन्न संस्थाओं मनपा, निजी शिक्षण संस्थाओं, बैंकों, बीमा कंपनियों आदि से कर्मचारियों का ब्यौरा मांगा था। हालांकि, अब तक केवल 10,500 कर्मचारी ही उपलब्ध हो पाए हैं। कई निजी शिक्षण संस्थाओं, बैंकों और बीमा कंपनियों ने या तो अधूरी जानकारी दी है या फिर जवाब देना भी उचित नहीं समझा है।
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कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट
महानगर पालिका प्रशासन ने अब सख्त रुसा अपना लिया है। सहआयुक्त मनोज लोणकर ने बताया कि कर्मवारी उपलब्ध नहीं कराने वाली संस्थाओं की रिपोर्ट तैयार कर पुणे जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। इन संस्थाओं के विरुद्ध जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी, प्रशासन ने ऐसी संस्थाओं पर कानूनी शिकंजा कसने का निर्णय लिया है, ताकि चुनाव प्रक्रिया निर्वाध रूप से पूरी हो सकें।
