Pimpri Chinchwad Municipal का 112 करोड़ का डिजिटल सिस्टम ठप, सर्वर फेल होने से कामकाज प्रभावित

Pimpri Chinchwad Municipal का 112 करोड़ का डॉक्यूमेंट मैनेजमेंट सिस्टम तकनीकी खराबी और सर्वर फेल होने से प्रभावित है, जिससे प्रशासनिक कामकाज धीमा पड़ गया है और कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।
Pimpri Chinchwad Nominated Corporators
पिंपरी चिंचवड महानगरपालिका भवन फोटो, सोर्स- सोशल मीडिया
Published on
Updated on

Pimpri Chinchwad Municipal DMS System Failure: पिंपरी-चिंचवड़ महानगर पालिका को पेपरलेस और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई 112 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी डॉक्यूमेंट मैनेजमेंट सिस्टम (डीएमसी) वर्तमान में तकनीकी खराबी और वायरस के खतरों से जूझ रही है।

ई-ऑफिस के माध्यम से प्रशासनिक कामकाज को गति देने के लिए लागू किया गया यह सिस्टम अब खुद सुस्त पड़ गया है, जिससे अधिकारियों और कर्मचारियों में भारी असोष है। स्थिति यह है कि मनपा के पांच महत्वपूर्ण सर्वरों में से तीन बंद हैं।

केवल दो सर्वरों के भरोसे पूरे शहर का प्रशासनिक बोझ टिका है। सर्वरों पर अतिरिक्त लोड होने के कारण रोजाना दोपहर के बाद सिस्टम ठप हो जाता है, जिससे 'डिजिटल इंडिया' और 'स्मार्ट सिटी' के दावों पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।

  • 35 विभागों का कामकाज हुआ था ऑनलाइन स्मार्ट सिटी लिमिटेड के माध्यम से शुरू किए गए इस प्रोजेक्ट के तहत 35 विभागों के कामकाज को ऑनलाइन किया गया था। इस प्रणाली में डिजिटल सिग्नेचर और एसएपी जैसे आधुनिक टूल्स शामिल किए गए थे ताकि फाइलों का निपटारा तेजी से हो और ठेकेदारों के भुगतान से लेकर कर्मचारियों के वेतन तक की प्रक्रिया पारदर्शी रहे।
  • हालांकि, वर्तमान तकनीकी संकट ने अधिकारियों को एक बार फिर पुरानी कागजी फाइलों की ओर लौटने पर मजबूर कर दिया है। दस्तावेजों की स्कैनिंग, ट्रैकिंग और सचिंग जैसी बुनियादी प्रक्रियाओं में लगने वाला समय काफी बढ़ गया है, जिससे विकास कार्यों की फाइलें मेजों पर धूल फांक रही हैं।

डीएमएस प्रणाली के लिए कुल पांच सर्वर हैं, जिनमें से तीन बंद होने के कारण कामकाज धीमी गति से चल रहा है। जल्द से जल्द सभी सर्वर शुरू करने के निर्देश दिए गए है। अमित पंडित, सहायक आयुक्त, सूचना व प्रौद्योगिकी विभाग

सुरक्षा ऑडिट की विफलता, ई-ऑफिस ठप

प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि 112 करोड रुपये के भारी निवेश के बावजूद सिस्टम पर वायरस का हमला - सुरक्षा ऑडिट की विफलता को दर्शाता है। एक तरफ जहां सरकार तकनीक को बढ़ावा दे रही है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी ढांचे की यह खामी आम जनता के कार्यों में बाधा बन रही है। सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने जल्द ही सभी सर्वरों को दुरुस्त करने का आश्वासन दिया है, लेकिन फिलहाल तकनीकी बाधाओं ने महानगर पालिका के डिजिटल विजन पर ब्रेक लगा दिया है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com