पिंपरी-चिंचवड़ मनपा में 6 महीने में ही DMS सिस्टम जाम, अधिकारियों ने रद्द करने की मांग की

Pimpri Chinchwad MNC का 112 करोड़ का ई-ऑफिस सेटअप करने के बाद भी कामकाज में देरी हो रही है। काम के सिलसिले में लगाया गया डीएमएस सिस्टम भी 6 महीने में ही जाम हो गया है।
PCMC Corporators Relatives Interference
पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Pimpri Chinchwad News In Hindi: पिंपरी-चिंचवड़ मनपा में ई-ऑफिस के तहत डॉक्यूमेंट मैनेजमेंट सिस्टम (डीएमएस) के जरिए दस्तावेजों के प्रबंधन का सिस्टम विकसित किया गया था। 1 अप्रैल से यह डीएमएस सिस्टम शुरू हुआ था।

इस पर लगभग 112 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद यहां का कामकाज बेहद धीमी गति से चल रहा है। सभी अभिलेखों और दस्तावेजों की स्कैनिंग का काम समय पर नहीं हो रहा है। वहीं फाइले खुलने में भी काफी समय लग रहा है। इसकी वजह से पूरा सिस्टम पेंडिंग फाइलों से जाम हो गया है।

सिर्फ छह महीने में ही डीएमएस सिस्टम क्रेस करने की कगार पर पहुंच गया है। अब अधिकारियों के लिए यह व्यवस्था मौजूद होने के बावजूद नहीं होने के समान हो गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के '100 दिवस उपक्रम' के तहत पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका ने 1 अप्रैल 2025 से डीएमएस सिस्टम शुरू की है।

प्रशासन में पारदर्शिता और गतिशीलता लाने व पेपरलेस वर्क व्यवस्था स्थापित करने के मकसद से ई-ऑफिस सिस्टम तैयार की गई थी, लेकिन अब इसका कोई फायदा नहीं हो रहा है। स्मार्ट सिटी लिमिटेड कंपनी के जरिए जीआईएस सक्षम ईआरपी प्रोजेक्ट पर अमल शुरू हो गया है। इसके तहत मनपा के 35 विभागों का दैनिक कामकाज ऑनलाइन किया गया है। साथ ही मनपा अधिकारियों-कर्मचारियों के वेतन और ठेकेदारों के भुगतान के लिए 'SAP प्रणाली लागू की गई है।

फाइलों की सुरक्षा पर सवाल

डीएमएस सिस्टम लागू करते समय अधिकारियों व कर्मचारियों को इसका प्रशिक्षण दिया गया था, लेकिन अब यह सवाल उठ रहा है कि मनपा के नागरिकों के महत्वपूर्ण दस्तावेज, फाइलें और अभिलेख इस प्रणाली में कितने सुरक्षित हैं?

सिस्टम को रद्द करने की की हो हो रही मांग

  • विभाग प्रमुखों, वरिष्ठ अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, शाखा प्रमुखों और क्लर्क को डिजिटल कोड दिए गए है और 1,709 डिजिटल सिग्नेचर कीज तैयार की गई हैं, लेकिन अब यह पूरा सिस्टम बार-बार ठप पड़ रहा है।
  • फाइले अपलोड-डाउनलौड होने में देरी, स्कैनिंग चुटिया, नेटवर्क समस्या और धीमी गति के कारण अधिकारी परेशान है। कई अधिकारी तो अब आयुक्त से इस सिस्टम को रद्द करने की मांग कर रहे हैं।
  • डीएमएस में कई तकनीकी त्रुटियां और अड़चने लगातार सामने आ रही है। हर फाइल को निपटाने में पहले से कहीं ज्यादा समय लग रहा है। दस्तावेजों के स्कैनिंग, ट्रैकिंग, साझा करने और खीजने में भी काफी देरी हो रही है। लेकिन मनया का काम अब पूरी तरह डिजिटल हो गया है फिर भी डीएमएस सिस्टम में बार-बार तकनीकी बाधा पैदा हो रही है।
  • एक फाइल सबमिट करने में 5 मिनट से ज्यादा समय लग रहा है। इंटरनेट या बिजली जाने पर पूरी प्रक्रिया फिर से करनी एड़ती है, जिससे अधिकारी बेहद परेशान है।
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