

NCP Big Decision: महाराष्ट्र की राजनीति और पवार परिवार में पिछले कुछ दिनों से जारी उथल-पुथल के बीच एक बड़ा अपडेट सामने आ रहा है। राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के असामयिक निधन के बाद अब उनके बड़े बेटे पार्थ पवार को पार्टी में एक महत्वपूर्ण और बड़ी जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी चल रही है। सूत्रों के मुताबिक, पार्थ पवार को संसद के उच्च सदन यानी राज्यसभा भेजने का निर्णय लगभग तय माना जा रहा है। अजित दादा की विरासत को आगे ले जाने और राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी का प्रतिनिधित्व करने के लिए पार्थ को सबसे उपयुक्त चेहरा माना जा रहा है।
अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने 31 जनवरी को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। सुनेत्रा पवार राज्यसभा सांसद थीं, लेकिन संवैधानिक नियमों के तहत मंत्री पद संभालने के लिए उन्होंने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे से खाली हुई इस सीट पर अब पार्थ पवार के नाम की सबसे प्रबल संभावना जताई जा रही है। गौरतलब है कि सुनेत्रा पवार का कार्यकाल जुलाई 2028 तक था, लेकिन चर्चा है कि पार्थ को पूरे छह साल के कार्यकाल वाली किसी अन्य सीट से भी संसद भेजा जा सकता है।
अजित पवार के निधन ने पार्थ और जय पवार पर बड़ी जिम्मेदारी डाल दी है। पार्थ पवार ने 2019 में मावल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन वहां उन्हें सफलता नहीं मिली थी। हालांकि, अब पार्टी के भीतर बदले समीकरणों के बाद पार्थ ने नेताओं के साथ चर्चा शुरू कर दी है और वे राज्यसभा जाने के लिए सक्रिय हो गए हैं। जहां सुनेत्रा पवार राज्य की राजनीति और मंत्रालय संभालेंगी, वहीं पार्थ पवार दिल्ली में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की आवाज बनेंगे। उन्होंने इसके लिए आवश्यक राजनीतिक बिसात बिछाना और समर्थन जुटाना शुरू कर दिया है।
अजित दादा के दोनों बेटे अब राजनीति में पहले से कहीं अधिक सक्रिय नजर आ रहे हैं। बारामती के चुनावों और लोकसभा प्रचार के दौरान पार्थ और जय ने अपनी संगठनात्मक क्षमता का परिचय दिया था। अब खबर है कि जय पवार भी संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। परिवार में यह स्पष्ट संकेत है कि सुनेत्रा पवार प्रशासन देखेंगी, जबकि पार्थ पवार राष्ट्रीय राजनीति में पार्टी की पकड़ मजबूत करेंगे। पार्टी की बैठकों में भी इस बदलाव को लेकर सकारात्मक रुख देखा गया है।
एक तरफ जहां पार्थ पवार के दिल्ली जाने की चर्चा है, वहीं दूसरी तरफ राकांपा (SP) प्रमुख शरद पवार का दिल्ली दौरा अचानक रद्द हो गया है। बजट सत्र में शामिल होने के लिए उन्हें मंगलवार को दिल्ली पहुंचना था। मुंबई रवाना होने से पहले शरद पवार ने अपनी पत्नी प्रतिभा पवार के साथ बारामती के विद्या प्रतिष्ठान क्षेत्र का दौरा किया, जहां अजित पवार का अंतिम संस्कार हुआ था। वहां उन्होंने अजित दादा के प्रस्तावित स्मारक स्थल को लेकर किरण गुर्जर से लंबी चर्चा की। स्मारक के निरीक्षण के बाद वे मुंबई तो पहुंचे, लेकिन उनका दिल्ली का दौरा फिलहाल टाल दिया गया है।