
पूर्व न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ (सौजन्य-सोशल मीडिया)
पुणे: महाराष्ट्र के पुणे में स्वारगेट बस डिपो में एक महिला से हुए दुष्कर्म के बाद राज्य में आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग उठ रही है। इस मांग को लेकर प्रशासन पर भी सवाल उठाए जा रहे है। इस घटना ने राज्य में भी आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।
पुणे बस दुष्कर्म मामले में आरोपी की सीसीटीवी की मदद से पहचान कर ली गई है। आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई है और उसे पकड़ने के लिए पुलिस की 13 टीमें तलाश कर रही है। इस मामले में पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने भी आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि देश में निर्भया कांड के बाद कई बदलाव किए गए लेकिन केवल कानून बना देने से स्थितियों में सुधार नहीं होगा।
पूर्व न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने इस मामले की तुलना 2012 में दिल्ली के निर्भया कांड से की। उन्होंने इस मामले को लेकर चिंता जताई और कहा, निर्भया कांड के बाद कानून में कई बदलाव आए लेकिन केवल कानून बना देने से अपराध नहीं रूक सकते। उन्होंने आगे कहा कि इन अपराधों को रोकने के लिए समाज की भी बड़ी जिम्मेदारी है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए बने कानूनों को सख्ती से लागू करना चाहिए ताकि महिलाएं हर जगह खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। उन्होंने पुलिस और न्याय प्रणाली को इन मामलों में प्रभावी भूमिका निभाने की सलाह भी दी।
पुलिस प्रशासन और सरकार पर इस मामले में न्याय दिलाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। लेकिन अभी तक आरोपी का कोई पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने मदद के लिए जनता से आरोपी को पकड़वाने में 1 लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया है। यह घटना मंगलवार को हुई जब बलात्कार पीड़िता, एक कामकाजी महिला, फलटन में अपने घर लौटने के लिए बस का इंतज़ार कर रही थी, जो लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित है।
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आरोपी ने कथित तौर पर उसके पास आकर झूठा दावा किया कि उसके गंतव्य तक जाने वाली बस कहीं और खड़ी है। वह उसे डिपो में खड़ी MSRTC शिवसाही बस में ले गया, जहां उसने कथित तौर पर उसके साथ बलात्कार किया। इस बीच, पुणे शहर की पुलिस ने वांछित आरोपी का एक पोस्टर जारी किया है, जिसमें लोगों से जानकारी के साथ आगे आने का आग्रह किया गया है। पोस्टर में उल्लेख किया गया है कि आरोपी के खिलाफ धारा 64, 351 (2) 2023 के तहत मामला दर्ज किया गया है।






