

MPSC Paper Leak Reform Maharashtra Task Force: प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियों पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार परीक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। परीक्षा से ठीक पहले प्रश्नपत्र तैयार करने का नया सूत्र अपनाया जाएगा, ताकि प्रश्नपत्र पहले से किसी के हाथ लगने की आशंका कम हो।
प्रश्नपत्र तैयार करने, छपाई, परिवहन और वितरण के चारों चरणों में भी व्यापक बदलाव किए जाएंगे। पूरी प्रक्रिया इस तरह सुरक्षित बनाई जाएगी कि किसी एक व्यक्ति या एजेंसी के पास प्रश्नपत्र की संपूर्ण जानकारी उपलब्ध न हो।
राज्य में भर्ती परीक्षाओं में सुधार के लिए गठित उच्चस्तरीय टास्क फोर्स की अध्यक्ष तथा सामान्य प्रशासन विभाग की सचिव वी. राधा ने शनिवार को पुणे शहर में यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र ही पहले से उपलब्ध नहीं होगा तो उसके एमपीएससी पेपर लीक होने का खतरा भी काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसलिए प्रश्नपत्र निर्माण की प्रक्रिया को परीक्षा के बेहद करीब लाने पर विचार किया जा रहा है।
एमपीएससी की तकनीकी और मानव संसाधन क्षमता को देखते हुए फिलहाल अगले एक वर्ष तक ऑनलाइन परीक्षा आयोजित करने का विचार नहीं है। अगले एक वर्ष में आयोग की सभी परीक्षाएं ओएमआर पद्धति से आयोजित करने की तैयारी है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस के विधायक रोहित पवार ने आरोप लगाया कि पेपरलीक मामले में सत्ता के करीबी लोगों का संबंध नजर आ रहा है और पैसे के दम पर दोषियों को बचाया जा रहा है। पिछले कुछ समय में एमपीएससी से जुड़ी करीब 15 परीक्षाओं में पेपरलीक या गड़बड़ी के मामले सामने आए है।
पुणे शहर में एमपीएससी की तैयारी कर रहे छात्र प्रथमेश देशमुख की आत्महत्या के बाद रोहित पवार उनके परिवार से मिलने धाराशिव के परंडा तहसील स्थित खासापुरी पहुंचे। रोहित ने ऑनलाइन एमपीएससी परीक्षा का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि एक साल नहीं, बल्कि सैकड़ों वर्षों तक ऑनलाइन परीक्षा नहीं होने दी जाएगी।
भर्ती परीक्षाओं में सबसे बड़ी समस्याओं में परीक्षा की तारीखों को लेकर अनिश्चितता भी शामिल है। इसे दूर करने के लिए यूपीएससी की तर्ज पर एमपीएससी की परीक्षाओं का कम से कम एक वर्ष पहले वार्षिक कैलेंडर घोषित करने की सिफारिश की जाएगी। इससे विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा।
महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग के सचिव महेंद्र हरपालकर के साथ 11 सितंबर को हुई बदसलूकी के विरोध में आयोग के अधिकारी और कर्मचारियों ने काम बंद आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया है। कर्मचारियों ने शासन से ठोस सुरक्षा की मांग की है। सचिव से बदसलूकी करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है।