

Moshi Building Collapse Rescue Operation: पुणे जिले के पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका (PCMC) के मोशी स्थित वेस्ट-टू-एनर्जी संयंत्र में इमारत ढहने के हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर दो हो गई है। शनिवार को बचाव अभियान के चौथे दिन मलबे से एक और शव बरामद किया गया, जिसकी पहचान अक्षय सावंत के रूप में हुई है। 7 लोग अब भी मलबे में फंसे हैं।
मोशी स्थित कचरा डंप की वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना की प्रशासनिक इमारत पर कचरे का विशाल ढेर गिरने से हुए हादसे के 65 घंटे बाद भी मलबे में दबे 7 मजदूरों का कोई सुराग नहीं मिला है। उनकी तलाश में एनडीआरएफ और पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका की टीमें युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। एनडीआरएफ, अग्निशमन दल और अन्य एजेंसियां राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। अभियान में विशेष डिमॉलिशन मशीनों सहित करीब 15 खुदाई मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
बचाव दल ने अत्याधुनिक कटर की मदद से इमारत की दूसरी मंजिल की स्लैब हटा दी है। अब पहली मंजिल की स्लैब तोड़ने का काम जारी है। आशंका है कि लापता सभी मजदूर इसी हिस्से के नीचे दबे हो सकते हैं। अभियान को गति देने के लिए घटनास्थल पर अत्याधुनिक डिमॉलिशन एक्सकेवेटर मशीन भी तैनात की गई है, जिससे अस्थिर कंक्रीट हटाकर सुरक्षित रास्ता बनाया जा रहा है।
इस बीच, लापता लोगों के परिजनों ने बचाव अभियान की गति पर सवाल उठाए हैं। महापौर रवि लांडगे ने बताया कि मलबे के भीतर तीन लोगों के फंसे होने के संकेत मिले हैं और उन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इधर, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे में हादसे की समीक्षा कर अधिकारियों को मृतक व लापता मजदूरों के परिजनों को तत्काल हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने मोशी में जमा लेगेसी वेस्ट के बायोमाइनिंग कार्य में तेजी लाने तथा प्रतिदिन जमा होने वाले करीब 100 टन बिना प्रक्रिया वाले कचरे के निस्तारण के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित करने को भी कहा।
8 जुलाई को हुई मूसलाधार बारिश के बाद इमारत की नींव कमजोर पड़ने से कचरे का विशाल ढेर प्रशासनिक भवन पर गिर गया था। हादसे के समय इमारत में 23 कर्मचारी मौजूद थे। इनमें से 2 की मौत हो गई, जबकि 7 मजदूर अब भी लापता हैं। पिंपरी चिंचवड़ महानगरपालिका आयुक्त डॉ. विजय सूर्यवंशी ने कहा कि दुर्घटना की गहन जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच खुलासा हुआ है कि दुर्घटनाग्रस्त तीन मंजिला इमारत में केवल ग्राउंड फ्लोर को ही पूर्णता प्रमाणपत्र मिला था। इस पर महापालिका आयुक्त डॉ। विजय सूर्यवंशी ने पूरे मामले की जांच का भरोसा दिया है। उधर, लापता कर्मचारियों के परिजनों ने प्रशासन पर जानकारी छिपाने का आरोप लगाते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की है। मामले में सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर सवाल उठ रहे हैं।