

Pune Municipal Corporation Fire Inspection: देश के अलग-अलग हिस्सों में सामने आई आग और अन्य हादसों के बाद पुणे महानगरपालिका (मनपा) प्रशासन ने शहर में अग्निसुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू करने का निर्णय लिया है। मनपा आयुक्त नवलकिशोर राम ने शहर के सभी निजी, सरकारी और मनपा अस्पतालों के साथ-साथ PG हॉस्टल और कोचिंग क्लासेस का अनिवार्य अग्निसुरक्षा ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं। संबंधित प्रतिष्ठानों की जांच युद्धस्तर पर पूरी कर 10 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट अग्निशमन विभाग को सौंपने को कहा गया है।
आयुक्त के निर्देश के बाद अग्निशमन विभाग के प्रमुख गणेश सोनुने को तत्काल कार्रवाई शुरू करने को कहा गया है। अभियान के पहले चरण में मनपा के अपने अस्पतालों की अग्निसुरक्षा व्यवस्था की जांच की जाएगी। इसके बाद निजी और सरकारी अस्पतालों, PG हॉस्टलों तथा कोचिंग संस्थानों को जांच के दायरे में लिया जाएगा। पुणे मनपा के नागरिक चार्टर में गणेश सोनुने को आपदा प्रबंधन अधिकारी के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
अस्पतालों में मरीजों, नवजात शिशुओं और उनके परिजनों की लगातार आवाजाही रहती है। ऐसे में आग जैसी आपात स्थिति में मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालना सामान्य इमारतों की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसी वजह से अस्पतालों में मौजूद अग्निसुरक्षा प्रणालियों की वास्तविक स्थिति और उनकी आपातकालीन उपयोगिता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
ऑडिट के दौरान अस्पतालों में उपलब्ध अग्निशमन उपकरण, आग बुझाने की व्यवस्था, फायर अलार्म सिस्टम, आपातकालीन निकास मार्ग और अन्य सुरक्षा इंतजामों की स्थिति देखी जाएगी। महाराष्ट्र अग्निशमन विभाग की वेबसाइट पर अस्पतालों के लिए फायर सेफ्टी ऑडिट चेकलिस्ट भी उपलब्ध है।
विशेष रूप से मदर एंड चाइल्ड केयर वार्ड पर ध्यान दिया जाएगा। इन वार्डों में नवजात शिशु, छोटे बच्चे और उनकी माताएं उपचार के लिए भर्ती रहती हैं। किसी आपात स्थिति में इन संवेदनशील मरीजों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए निकासी मार्ग और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की पर्याप्तता महत्वपूर्ण हो जाती है। इसलिए इन विभागों की अग्निसुरक्षा व्यवस्था का अलग से गहन निरीक्षण किया जाएगा।
अग्निसुरक्षा व्यवस्था में केवल निरीक्षण और रिपोर्ट तैयार करना ही पर्याप्त नहीं माना जा सकता। जांच के दौरान सामने आने वाली कमियों को समय पर दूर कराना और संबंधित संस्थानों से नियमों का पालन सुनिश्चित कराना भी उतना ही महत्वपूर्ण होगा। महाराष्ट्र में अग्निसुरक्षा से संबंधित प्रावधान Maharashtra Fire Prevention and Life Safety Measures Act, 2006 समेत संबंधित नियमों और प्रावधानों के तहत लागू होते हैं।
दस दिनों में रिपोर्ट तैयार होने के बाद अग्निशमन विभाग कमियों के आधार पर क्या कार्रवाई करता है और संबंधित संस्थान सुधारात्मक कदम कितनी तेजी से उठाते हैं, यह इस अभियान का अहम हिस्सा होगा। नियमों के उल्लंघन या सुरक्षा में लापरवाही मिलने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
पुणे में बड़ी संख्या में छात्र PG हॉस्टलों में रहते हैं और कोचिंग संस्थानों में पढ़ाई करते हैं। ऐसे परिसरों में एक साथ बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन इन भवनों में अग्निसुरक्षा नियमों के पालन की स्थिति भी जांचेगा। निरीक्षण के दौरान आग से बचाव के उपकरण, आपातकालीन निकास, सुरक्षित आवागमन के रास्ते और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी। पुणे के विकास नियंत्रण नियमों में हॉस्टल और कोचिंग क्लासेस से संबंधित भवन उपयोग के प्रावधान भी मौजूद हैं।
पुणे मनपा प्रशासन के इस अभियान का उद्देश्य अग्निसुरक्षा जांच को केवल औपचारिक प्रक्रिया तक सीमित रखने के बजाय वास्तविक सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति सामने लाना है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि निरीक्षण के बाद सामने आने वाली कमियों को कितनी तेजी से दूर कराया जाता है और शहर के संवेदनशील संस्थानों में अग्निसुरक्षा मानकों का कितना प्रभावी पालन सुनिश्चित होता है।