भीमाशंकर में मंदिर से गांव तक बनेगा विशेष कॉरिडोर, जून 2027 तक विकास कार्य पूरा करने का लक्ष्य

Bhimashankar Temple Development: भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग क्षेत्र के कायाकल्प के लिए विकास योजना तैयार की गई है। ग्रामीणों का पुनर्वास, विशेष गलियारे का निर्माण और सुविधाएं जून 2027 तक पूरी की जाएंगी।
Development of Bhimashankar Jyotirlinga region to gain momentum: Villagers to be rehabilitated
भीमाशंकर मंदिर विकास योजना, जितेंद्र डुडी पुणे जिलाधिकारी सोर्स- सोशल मीडिया
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Bhimashankar Project Review Jitendra Dudi Pune: ज्योतिर्लिंग क्षेत्र भीमाशंकर के मंदिर परिसर और आसपास के गांवों की तस्वीर बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। मंदिर क्षेत्र के विकास के साथ स्थानीय ग्रामीणों के सुनियोजित पुनर्वास, श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के विस्तार और पर्यावरण संरक्षण पर एक साथ काम किया जाएगा। जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी ने विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने और कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

ग्रामीणों के लिए बनेंगे सुसज्जित मकान

जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रस्तावित विकास कार्यों की रूपरेखा और उनकी समयसीमा पर चर्चा हुई। योजना के तहत ग्रामीणों को उनकी मौजूदा भूमि के क्षेत्रफल के अनुसार भूखंड उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही 1 बीएचके, 2 बीएचके और 3 बीएचके के सुसज्जित मकान बनाए जाएंगे।

नए गांव में नागरिक सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा। यहां ग्राम पंचायत कार्यालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, आंगनवाड़ी, स्कूल, बहुउद्देशीय सभागृह और समाज भवन बनाए जाने की योजना है। इसके अलावा अन्नछत्र, पार्किंग, सार्वजनिक शौचालय, जलापूर्ति, पथदीप, सीवेज और ठोस कचरा प्रबंधन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

मंदिर से गांव तक बनेगा विशेष गलियारा

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ज्योतिर्लिंग क्षेत्र से गांव तक विशेष गलियारा विकसित किया जाएगा। इस मार्ग पर प्रसाद केंद्र, प्रतीक्षा क्षेत्र, बैठने की व्यवस्था और शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

दर्शन के बाद सीढ़ी मार्ग के जरिए गांव तक पहुंचने की सुविधा मिलने से श्रद्धालुओं की आवाजाही आसान होने के साथ स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

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नदी और कुंड परिसर पर भी फोकस

विकास योजना में नदी और कुंड परिसर की सफाई तथा सुरक्षा को भी शामिल किया गया है। इन क्षेत्रों में सुरक्षा घेराबंदी के साथ श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित तीर्थस्नान की व्यवस्था विकसित की जाएगी। क्षेत्र के विकास के दौरान पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता देने की बात कही गई है।

अक्टूबर से काम में आएगी तेजी

बरसात के बाद अक्टूबर से विकास कार्यों को गति देने की योजना है। प्रशासन ने जून 2027 तक प्रस्तावित कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य रखा है।

समीक्षा बैठक में विधायक बाबाजी काले, जिला नियोजन अधिकारी किरण इंदलकर, मंदिर के विश्वस्त, स्थानीय ग्रामीण और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जितेंद्र डुडी पुणे जिलाधिकारी ने विकास कार्यों के साथ क्षेत्र में अतिक्रमण और अनधिकृत निर्माण रोकने के लिए स्थानीय नागरिकों से प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।

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