फूट-फूटकर रोए केतन अग्रवाल के पिता, बोले- घर के लिए बहू लाने चला था अब बेटा ही नहीं है, छलका पिता का दर्द
Ketan Aggarwal Case New Twist: पुणे के लोहागढ़ में हुए केतन अग्रवाल हत्याकांड के आरोपियों की न्यायिक हिरासत 14 दिन बढ़ा दी गई है। भावुक पिता ने इंसाफ की मांग की है।
- Written By: अनिल सिंह
Ketan Agarwal Father Allegation on Mittal Family: महाराष्ट्र के पुणे जिले के लोहागढ़ क्षेत्र में हुए बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में एक बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। मामले के मुख्य आरोपियों सिया गोयल और चेतन चौधरी की न्यायिक हिरासत को अदालत ने आगामी 14 दिनों के लिए और बढ़ा दिया है।
वडगांव मावल कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस महत्वपूर्ण सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया। इस कानूनी कार्रवाई के बीच, मृतक केतन अग्रवाल के पिता ने एक भावुक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें अपने इकलौते बेटे को खोने का दर्द बयां करते हुए वे मीडिया के सामने ही फूट-फूटकर रो पड़े।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में रो पड़े पिता
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपने 26 वर्षीय युवा बेटे की यादों में डूबे पिता ने कहा कि यह दुःख उनके लिए किसी समंदर से भी बड़ा है। बेहद भावुक आवाज में उन्होंने कहा, “मैं तो अपने घर के लिए बहू लाने और अपने बेटे का घर बसाने की तैयारियां कर रहा था, पर क्रूर नियति और साजिश ने सब कुछ उजाड़ दिया। आज मेरे घर में ऐसा दुःखों का पहाड़ टूटा है कि न तो मेरा बेटा जिंदा बचा है और न ही मेरे पूज्य पिता। हर माता-पिता का यह सपना होता है कि उनका बेटा बुढ़ापे की लाठी बने, लेकिन मेरा यह सपना हमेशा के लिए टूट गया।” उन्होंने रुंधे गले से कहा कि जब तक वे जीवित हैं, यह गम कभी कम नहीं हो सकता।
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जब संवाददाताओं ने उनसे पूछा कि क्या उन्हें मुख्य आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच के प्रेम प्रसंग या शादी के बारे में पहले से कोई जानकारी थी, तो उन्होंने साफ इनकार किया। पीड़ित पिता ने स्पष्ट किया कि उन्हें इस गुप्त रिश्ते के बारे में कोई भनक नहीं थी और जो कुछ भी उन्हें पता चला है, वह घटना के बाद केवल मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए ही सामने आया है। उन्होंने भावुक होकर कहा कि यदि सिया ने विवाह से पहले एक बार भी साफ शब्दों में ‘ना’ कह दिया होता, तो उनका बेटा आज जिंदा होता।
रिश्ता तय कराने वाले मित्तल परिवार पर गंभीर आरोप
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में केतन के पिता ने एक बड़ा खुलासा करते हुए शादी की मध्यस्थता करने वाले रिश्तेदारों पर भी गंभीर आरोप मढ़े। उन्होंने कहा, “यह विवाह मेरे बेहद करीबी चचेरे भाइयों, मामा नरेंद्र जगन्नाथ मित्तल और मामी रेणु नरेंद्र मित्तल ने ही तय करवाया था। उन्होंने हमें पूरी तरह आश्वस्त करते हुए कहा था कि इस लड़की (सिया) को अपनी ही बेटी समझो, हमने इसे बचपन से पाला है और यह बहुत संस्कारी है।”
पीड़ित पिता ने अब पूरे मामले के पीछे गहरी साजिश की आशंका जताते हुए सवाल उठाया कि क्या मित्तल परिवार को सिया के इरादों की पहले से भनक थी? उन्होंने न्यायपालिका पर पूरा भरोसा जताते हुए मांग की कि पुलिस को इस विवाह का प्रबंध करने वाले मित्तल परिवार की भूमिका की भी गहनता से जांच करनी चाहिए, क्योंकि वे भी इस त्रासदी के लिए कहीं न कहीं जिम्मेदार हैं।
न्याय के लिए लगाई गुहार
बेटे के साथ हुए इस जघन्य अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हुए केतन के पिता ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी एक विस्तृत पत्र भेजा है। प्रधानमंत्री को पत्र लिखने के मुख्य कारण के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, “मैंने देश के प्रधानसेवक के सामने अपना असहनीय दर्द साझा किया है। मेरे सीधे-सादे और उच्च शिक्षित बेटे की इसमें कोई गलती नहीं थी, फिर भी उसके साथ इतनी बड़ी हैवानियत की गई। मेरी प्रधानमंत्री जी और राज्य सरकार से केवल यही विनम्र प्रार्थना है कि इस पूरे मामले को फास्ट-ट्रैक पर चलाकर मेरे बेटे को जल्द से जल्द न्याय दिलाया जाए और दोषियों को फांसी की सजा दी जाए।”
