भाई की मौत के एक महीने बाद भी पुलिस के हाथ खाली, केतन अग्रवाल की बहन ने पूछा- कब मिलेगा न्याय?

Ketan Agrawal Murder Case: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस को एक महीना पूरा। न्याय न मिलने पर भावुक बहन संजना अग्रवाल ने दगडूशेठ गणपति मंदिर में लगाई न्याय की गुहार।
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केतन अग्रवाल और सिया गोयल (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Ketan Agrawal Sister Emotional Appeal: पुणे का चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में है। इस जघन्य हत्याकांड को शनिवार, 18 जुलाई 2026 को एक पूरा महीना बीत चुका है , लेकिन परिवार के लिए न्याय की प्रतीक्षा अब भी खत्म नहीं हुई है। इस भावुक अवसर पर केतन की बहन संजना अग्रवाल ने पुणे के प्रसिद्ध श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति मंदिर में जाकर बप्पा के चरणों में माथा टेका और अपने भाई के लिए न्याय की गुहार लगाई।

संजना अग्रवाल ने मीडिया से बात करते हुए अत्यंत भावुक शब्दों में अपना दर्द बयां किया। उन्होंने कहा, आज मेरे भाई को गए हुए एक महीना पूरा हो गया है। इस एक महीने में न तो मैंने उसे देखा है, न उसकी आवाज सुनी है और न ही उसकी कोई खैर-खबर मिली है। संजना ने बप्पा से प्रार्थना की कि केतन जहां भी हो, खुश रहे और उसे मारने वालों को कड़ी से कड़ी सजा मिले।

दोहरी त्रासदी से टूटा परिवार

अग्रवाल परिवार के लिए यह समय केवल एक सदस्य को खोने का नहीं, बल्कि पूरी तरह बिखर जाने का है। जिस दिन केतन की मौत को एक महीना पूरा हुआ, उसी दिन उसके दादाजी देवीचंद अग्रवाल का जन्मदिन भी था। लेकिन घर में खुशियों की जगह मातम पसरा हुआ है। केतन की हत्या की खबर सुनकर सदमे में आए दादाजी का भी निधन हो गया, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। संजना का कहना है कि उनका परिवार अब और दुख सहने की स्थिति में नहीं है।

हादसा नहीं, एक सोची-समझी साजिश

शुरुआत में इस मामले को लोहगढ़ किले से गिरकर हुई एक दुर्घटना माना जा रहा था, लेकिन संजना के संदेह ने इस मामले की दिशा बदल दी। जांच में यह बात सामने आई कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि एक क्रूर साजिश थी। पुलिस जांच के अनुसार, केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर केतन को लोहगढ़ की खाई में धकेल कर उसकी हत्या कर दी थी। इस खुलासे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।

जांच की वर्तमान स्थिति: न्याय की आस

हालांकि परिवार को लगता है कि जांच की गति धीमी है, लेकिन पुलिस प्रशासन का दावा है कि वे ठोस सबूत जुटाने में लगे हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी सिया और चेतन चौधरी सांकेतिक भाषा में बात करते थे और उन्होंने अपने व्हाट्सएप चैट डिलीट कर दिए हैं। इन चैट्स को रिकवर करने के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी है कि घटना स्थल का पुनर्निर्माण और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण अंतिम चरण में है। अब परिवार और समाज की नजरें अदालत पर टिकी हैं, जहां संजना को उम्मीद है कि कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से निष्पक्ष और त्वरित न्याय मिलेगा।

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