पुणे: कात्रज डेयरी में वित्तीय हेरफेर और बोगस समितियों पर बड़ा एक्शन, उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित

Pune Katraj Milk Union: कात्रज डेयरी में वित्तीय अनियमितताओं, बोगस समितियों और फर्जी दूध संकलन की शिकायतों पर दुग्ध विकास विभाग ने दो सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की; सहकारिता क्षेत्र में हड़क
High-level probe ordered into Pune's Katraj Dairy over allegations of financial irregularities, bogus societies, and multi-crore fake milk collection documents.
कात्रज डेयरी सोर्स-सोशल मीडिया)
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Katraj Dairy Pune Financial Irregularities: पुणे जिले के दुग्ध व्यवसाय और सहकारिता क्षेत्र में उस समय भारी हड़कंप मच गया, जब कात्रज दुग्ध संघ (कात्रज डेयरी) के कामकाज की उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी किए गए। डेयरी प्रबंधन पर वित्तीय अनियमितताओं, बोगस दुग्ध उत्पादक समितियों के जरिए कागजों पर फर्जी दूध संग्रह दिखाने, नियमों को ताक पर रखकर चहेतों को सदस्यता बांटने और करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन की गंभीर शिकायतें मिली थीं। इन शिकायतों का संज्ञान लेते हुए दुग्ध विकास विभाग ने दो सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति की नियुक्ति कर दी है।

निष्क्रिय दुग्ध मंडलियों के नाम पर बड़ी राशि हड़पी गई

विभागीय उपनिबंधक, सहकारी समिति (दुग्ध), पुणे संभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, इस विशेष जांच समिति के अध्यक्ष पद पर सहायक निबंधक (दूध) श्रीकांत श्रीखंडे को नियुक्त किया गया है, जबकि जिला विशेष लेखा परीक्षक अनंत आधारी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। समिति मुख्य रूप से इस बात की पड़ताल करेगी कि क्या अस्तित्व में न रहने वाली या निष्क्रय दुग्ध मंडलियों के नाम पर केवल दस्तावेजों में दूध का संकलन दिखाकर परिवहन खर्चों के नाम पर बड़ी राशि हड़पी गई है।

इसके अलावा, एक धार्मिक आयोजन के लिए करीब 3 हजार लीटर दूध मुफ्त बांटने का मामला भी संशय के घेरे में है। जांच टीम इस बात की तहकीकात करेगी कि क्या इस मुफ्त वितरण के लिए संचालक मंडल (बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स) से कोई पूर्व अनुमति ली गई थी, या बाद में सिर्फ कागजी कोरम पूरा कर इसे वैध बनाने का प्रयास किया गया।

नियमों को ताक पर रख बांटी सदस्यता

  • समिति वर्ष 2021 से 2025 के बीच डेयरी में शामिल की गई नई समितियों की पात्रता, उनकी वास्तविक क्षमता और पशु आहार कारखाने की खरीद प्रक्रियाओं की भी गहन स्क्रूटनी करेगी।
  • ऑडिट रिपोर्ट में पहले ही उजागर हुईं वित्तीय कमियों और बैंक के बढ़ते ओवरड्राफ्ट ने इन आरोपों को और बल दिया है।
  • चूंकि कात्रज डेयरी पुणे के हजारों किसानों की आजीविका का मुख्य आधार है, इसलिए इस निष्पक्ष सरकारी जांच पर पूरे सहकारिता क्षेत्र की निगाहें टिकी हैं।
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