

Indrayani River News: वारकरी संप्रदाय की आस्था से जुड़ी इंद्रायणी नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में आलंदी नगर परिषद ने बड़ा कदम उठाया है। आलंदी शहर से निकलने वाले सीवेज को ट्रीट करने के लिए 5 MLD क्षमता का नया सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) तैयार किया जा रहा है, जो अगले एक महीने में शुरू होने की उम्मीद है।
नगर अध्यक्ष प्रशांत कुरहाडे ने बताया कि STP शुरू होने के बाद शहर का गंदा पानी ट्रीटमेंट के बाद ही नदी में छोड़ा जाएगा। भविष्य में दो और STP बनाए जाने की योजना है, जिसके बाद आलंदी की कुल सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता 15 MLD तक पहुंच जाएगी।
इंद्रायणी नदी के घाट परिसर में विशेष स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया। सुबह 8 से 10 बजे तक चले इस अभियान में जनप्रतिनिधियों, नगर परिषद अधिकारियों, कर्मचारियों, स्थानीय ग्रामीणों और स्वयंसेवकों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया।
इस दौरान लोगों ने हाथों में झाड़ू, फावड़े और टोकरी लेकर श्रमदान किया। घाटों पर जमा कचरा, बालू, कीचड़ और अन्य अनुपयोगी सामग्री हटाई गई। अभियान के बाद घाट परिसर का स्वरूप काफी स्वच्छ और व्यवस्थित नजर आया।
इस अभियान में नगर अध्यक्ष प्रशांत कुरहाडे, मुख्याधिकारी माधव खांडेकर, उपनगराध्यक्ष सुजाता तापकीर, गुट नेता सचिन गिलबिले, नगरसेविका ऋतुजा धुंदरे, पूजा धुंदरे, साक्षी कुरहाडे, चाकण नगर परिषद की नगरसेविका विजया तोड़कर, विजया जाधव और भाजपा शहर अध्यक्ष किरण येलवंदे समेत कई लोग मौजूद रहे।
नगर अध्यक्ष प्रशांत कुरहाडे के अनुसार, इंद्रायणी में प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों पर कार्रवाई तेज कर दी गई है। ऊपरी हिस्सों से नदी में आने वाले गंदे पानी को रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका क्षेत्र की कुछ सोसायटियों और औद्योगिक इकाइयों द्वारा कथित तौर पर बिना ट्रीट किए सीवेज नदी में छोड़े जाने के मामलों में भी कार्रवाई की गई है। प्रशासन के अनुसार, इस कार्रवाई के बाद नदी में पहुंचने वाले दूषित पानी का प्रवाह काफी कम हुआ है।
नगर परिषद के साथ राज्य सरकार की ओर से भी इंद्रायणी को स्वच्छ बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। पिछले आठ महीनों से ‘अपना गांव, हमारी जिम्मेदारी’ अभियान चलाया जा रहा है।
नदी में सीवेज छोड़ने वाले आसपास के गांवों के लिए पीएमआरडीए के माध्यम से STP परियोजनाओं की टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है। वहीं, पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्र में भी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का काम तेजी से आगे बढ़ने की जानकारी दी गई है।
आलंदी नगर परिषद के मुख्याधिकारी माधव खांडेकर ने कहा कि इंद्रायणी को पूरी तरह प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए प्रशासन के साथ नागरिकों का सहयोग भी बेहद जरूरी है।
उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों, वारकरी संप्रदाय और श्रद्धालुओं से नदी की स्वच्छता बनाए रखने और स्वयं अनुशासन का पालन करने की अपील की।
इंद्रायणी केवल एक नदी नहीं, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी जीवनधारा है। अब STP परियोजनाओं, प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्रवाई और लगातार चल रहे स्वच्छता अभियानों के जरिए इसे वास्तव में प्रदूषण मुक्त बनाने की चुनौती प्रशासन के सामने है।