रोजाना जलापूर्ति की ‘टाइमलाइन’ बताना नामुमकिन: कमिश्नर राजेश पाटिल
- Written By: प्रभाकर दुबे
Photo:ANI
पिंपरी: जब पिंपरी-चिंचवड़ (Pimpri-Chinchwad) के नागरिकों को रोजाना पानी सप्लाई (Daily Water Supply) की जा रही थी। उस समय पवना नदी (Pawana River) से 510 एमएलडी पानी ही पंप किया जा रहा था। अब जब एक दिन छोड़कर पानी दिया जा रहा है तब भी 510 एमएलडी पानी ही पंप होता है। इसलिए रोजाना जलापूर्ति एक भ्रामक मामला है। यह बताते हुए पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका कमिश्नर राजेश पाटिल (Pimpri-Chinchwad Municipal Commissioner Rajesh Patil) ने कहा कि महानगरपालिका के पास आंध्र बांध से पानी लाने की अनुमति नहीं है, इसलिए आंध्र से पानी कब आएगा, इसकी समय सीमा बताना संभव नहीं है।
महानगरपालिका की स्थायी समिति की सभा के बाद महानगरपालिका कमिश्नर राजेश पाटिल ने पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि महानगरपालिका ने अलग-अलग समय पर जलापूर्ति का काम शुरू किया है। चिखली जल शोधन का कार्य अंतिम चरण में है। केबल, पाइपलाइन, जैकवेल के कनेक्शन, भूमि अधिग्रहण, एमआईडीसी सीमा के भीतर भूमि के अधिग्रहण के लिए निविदा प्रक्रिया चलाई गई।
कुछ निविदाओं को प्रतिसाद नहीं मिला
कमिश्नर ने कहा कि कुछ निविदाओं को प्रतिसाद नहीं मिला। इसलिए पुनः टेंडर जारी करना पड़ा। अनुमति समय पर नहीं मिलती है। इसके चलते कई जलापूर्ति योजना ठप पड़ी है। इस प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए महानगरपालिका प्रयास कर रहा है। हालांकि अनुमति का मामला महानगरपालिका के हाथ में नहीं है। इसलिए अतिरिक्त पानी कब आएगा इसकी कोई समय सीमा नहीं बताई जा सकती। इससे पहले बताई गई समय सीमा चूक गई है। सभी कामों को बिना किसी समय सीमा के जल्द से जल्द पूरा करने पर जोर दिया जाएगा।
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पूरे शहर को चरणबद्ध तरीके से पानी की आपूर्ति की जाएगी
कमिश्नर राजेश पाटिल ने कहा कि आंध्र बांध से पानी लाने की परियोजना अप्रैल के अंत या मई के पहले सप्ताह में पूरी हो जाएगी। पानी की जांच, लाने और बांटने में कुछ समय लगेगा। अतिरिक्त पानी मिलनेके बाद पूरे शहर को दैनिक आधार पर पानी की आपूर्ति नहीं की जाएगी। शुरुआत में चिखली वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से क्षेत्र में पर्याप्त दबाव में पानी की आपूर्ति की जाएगी। वर्तमान में वहां आपूर्ति किए जाने वाले पानी को दूसरी जगह डायवर्ट किया जाएगा जहां कम दबाव और अपर्याप्त पानी की आपूर्ति होती है। उन क्षेत्र को पर्याप्त दबाव वाले पानी की आपूर्ति की जाएगी। पूरे शहर को चरणबद्ध तरीके से पानी की आपूर्ति की जाएगी।
पानी की समस्या का समाधान किया जाएगा
हालांकि, दैनिक जलापूर्ति का विषय भ्रामक है। पानी की बर्बादी को रोकने के लिए, रिसाव को रोकने के लिए, अनधिकृत नल कनेक्शन को अधिकृत करने पर जोर दिया जाएगा। मीटर रीडिंग हो रही है, पानी की रिसाइक्लिंग बढ़ रही है। अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र से बगीचे में पानी दिया जाएगा, उपचारित पानी एमआईडीसीको दिया जाएगा और उनसे शुद्ध पानी लिया जाएगा। निचले इलाकों में नए क्षेत्रों में उच्च दाब पानी की आपूर्ति के उपाय किए जा रहे हैं। अगले दौर में विभिन्न माध्यमों से प्रयास कर पानी की समस्या का समाधान किया जाएगा।
