IITM Pune ने लक्षद्वीप में लगाया हाईटेक Lightning Detection System, मौसम अलर्ट होगा और तेज
पुणे के IITM ने लक्षद्वीप में अत्याधुनिक Lightning Detection System स्थापित किया है। इससे समुद्री क्षेत्रों में बिजली गिरने और आंधी-तूफान की रियल-टाइम मॉनिटरिंग पहले से अधिक सटीक हो सकेगी।
- Written By: अपूर्वा नायक
आईआईटीएम पुणे (सौ. सोशल मीडिया )
IITM Pune Installs Lightning Detection System: पुणे स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मेट्रोलॉजी (आईआईटीएम) ने देश की मौसम निगरानी प्रणाली को और मजबूत करते हुए लक्षद्वीप में अत्याधुनिक लाइटनिंग डिटेक्शन सिस्टम (एलडीएस) स्थापित किया है।
यह प्रणाली भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की अमीनीदिवी स्थित आरएस/आरडब्ल्यू वेधशाला में लगाई गई है। इस नई स्थापना को भारत की राष्ट्रीय लाइटनिंग मॉनिटरिंग क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
रियल-टाइम मॉनिटरिंग बढ़ेगी
आईआईटीएम के वैज्ञानिकों के अनुसार, यह नया लाइटनिंग डिटेक्शन सिस्टम अरब सागर क्षेत्र में बिजली गिरने की घटनाओं की अधिक सटीक पहचान करने में मदद करेगा। इससे तटीय और द्वीपीय क्षेत्रों में रियल-टाइम मॉनिटरिंग क्षमता बढ़ेगी और मौसम से जुड़ी गंभीर घटनाओं का समय रहते पता लगाया जा सकेगा।
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वैज्ञानिकों का मानना है कि समुद्री क्षेत्रों में अचानक मौसम बदलने और तेज आंधी-तूफान के कारण बिजली गिरने का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में यह प्रणाली मौसम विभाग को सटीक डेटा उपलब्ध कराएगी, जिससे चेतावनी प्रणाली को और बेहतर बनाया जा सकेगा।
लक्षद्वीप में सुरक्षा कवचः थंडरस्टॉर्म रिसर्च को बढ़ावा
आईआईटीएम ने बताया कि यह परियोजना संस्थान के ‘थंडरस्टॉर्म डायनेमिक्स ‘कार्यक्रम का हिस्सा है। इसका उद्देश्य आंधी-तूफान और बिजली गिरने की घटनाओं का का गहन वैज्ञानिक अध्ययन करना है।
इस नई प्रणाली से प्राप्त आंकड़े मौसम वैज्ञानिकों को समुद्री और तटीय क्षेत्रों में बनने वाले तूफानों तथा बिजली की गतिविधियों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेंगे, विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में इस तरह की आधुनिक प्रणालियां मौसम पूर्वानुमान को सटीक बनाने के साथ-साथ आपदा प्रबंधन और जन सुरक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगी।
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आपदा प्रबंधन प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाएंगे
- यह नई प्रणाली भारतीय लाइटनिंग लोकेशन नेटवर्क (आईएलएलएन) का हिस्सा होगी।
- यह नेटवर्क देशभर में बिजली गिरने की घटनाओं की निगरानी, वैज्ञानिक अनुसंधान और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
- आईआईटीएम पिछले कई वर्षों से देशभर में लाइटनिंग डिटेक्शन नेटवर्क का विस्तार कर रहा है, ताकि मौसम पूर्वानुमान और आपदा प्रबंधन प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
- वैज्ञानिकों के अनुसार, बिजली गिरने की घटनाएं हर वर्ष देश में बड़ी संख्या में जान-माल का नुकसान करती हैं,
- इसलिए यह बेहतर निगरानी प्रणाली लोगों को समय पर चेतावनी देने में अहम भूमिका निभा सकती है।
