Pune Office Space में तेजी, 2026 तक 120 मिलियन वर्ग फीट स्टॉक का अनुमान

Pune का Commercial Office Market तेजी से ग्रो कर रहा है और इंवेस्टर्स के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। ICRA फ्रेश रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की ऑफिस सप्लाई का लगभग 15 फीसदी हिस्सा पहले ही प्री लीज है।
Pune का Commercial Office Market तेजी से ग्रो कर रहा है और इंवेस्टर्स के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। ICRA की फ्रेश रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की ऑफिस सप्लाई का लगभग 15 फीसदी हिस्सा पहले ही प्री लीज हो चुका है।
पुणे कमर्शियल ऑफिस स्पेस (सौ. सोशल मीडिया )
Published on
Updated on

Pune News In Hindi: शहर का वाणिज्यिक ऑफिस बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है और निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। ICRA की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 की ग्रेड-ए ऑफिस सप्लाई का करीब 42% हिस्सा पहले ही प्री-लीज हो चुका है, जो बाजार में कॉर्पोरेट मांग की मजबूती को दर्शाता है।

वित्त वर्ष 2025 में पुणे ने 9.9 मिलियन वर्ग फोट नई ऑफिस स्पेस जोड़ी, जबकि वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में ही 4.4 मिलियन वर्ग फीट की नई सप्लाई सामने आई। इसी अवधि में नेट अब्जॉर्शन क्रमशः 7.7 और 2.5 मिलियन वर्ग फीट रहा।

प्रमुख माइक्रो मार्केट और हिस्सेदारी

इंजीनियरिंग-मैन्युफैक्चरिंग और आईटी-बीपीएम जैसे सेक्टर मांग को लगातार बढ़ा रहे हैं। हालांकि, बढ़ती सप्लाई के चलते ऑफिस स्पेस की ऑक्युपेंसी दर मार्च 2024 के 86% से घटकर जून 2025 में 84.2% रह गई।

अनुमान है कि 2026 के अंत तक यह दर 85-85.5% के बीच बनी रह सकती है। पुणे का कुल ग्रेड-ए ऑफिस स्टॉक जून 2025 तक 120 मिलियन वर्ग फीट तक पहुंच गया है, जो देश के छह प्रमुख शहरों में 11.73% हिस्सेदारी रखता है। शहर के उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व हिस्सों में 82% स्टॉक केंद्रित है।

रेंटल ग्रोथ के बेहतर मौके

खराड़ी और विमाननगर में मौजूदा वैकेंसी स्तर कायम रहने की न उम्मीद है। बता दें कि ये तीनों प्रमुख शहर 43% सप्लाई को संभालते हैं। शीर्ष 10 डेवलपर्स पुणे की कुल ऑफिस सप्लाई का 51% हिस्सा नियंत्रित करते हैं, जिनमें से सात की ऑक्युपेसी दर 90% से अधिक है, रेटल दरों में भी स्थिर बढ़ोतरी देखी गई है। वित्त वर्ष 2026 में शहर भर में किराए में 3-4% की वृद्धि की संभावना जलाई गई है। वित्त वर्ष 2017 से वित्त वर्ष 2025 तक पुणे का ऑफिस बाजार 7% की सालाना दर से बढ़ा है। मार्च 2022 में जहां पुणे की हिस्सेदारी 10.4% थी, वहीं जून 2025 तक यह बढ़कर 11.7% हो गई। विशेषज्ञों का मानना है कि वित्त वर्ष 2026 में यह रफ्तार बनी रहेगी।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com