खडकवासला से खराड़ी तक Driverless Metro, पुणे में ट्रांसपोर्ट का नया युग शुरू

Pune Metro Project के आने वाले फेज 2 के लिए Driverless Train Service शुरू करने की तैयारी कर रही है। सबसे पहले इस सर्विस की शुरुआत खड़कवासला से खराड़ी तक होने वाली है।
Pune Metro
पुणे मेट्रो (सौ. सोशल मीडिया )
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Pune News: शहर भर में अपनी सेवाओं की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अपने नेटवर्क का विस्तार करते हुए, पुणे मेट्रो अब परियोजना के आगामी चरण दो के लिए 'ड्राइवरलेस' ट्रेन सेवा शुरू करने की तैयारी कर रही है। इसकी शुरुआत खडकवासला से खराड़ी तक प्रस्तावित रूट से होगी।

पुणे मेट्रो परियोजना को लागू कर रही महामेट्रो के सिस्टम्स एंड ऑपरेशंस निदेशक विनोद अग्रवाल ने बताया कि पुणे मेट्रो लाइन-4 की अनुमोदित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के अनुसार मेट्रो लाइनों को अटेंडेड ट्रेन ऑपरेशन मोड में संचालित किया जाना था।

इसमें ट्रेन ऑपरेटर हर ट्रेन के अंदर मौजूद रहकर कम्युनिकेशन-बेस्ड ट्रेन कंट्रोल सिग्नलिंग और ट्रेन संचालन की निगरानी करता है। लेकिन बढ़ती सवारियों की मांग और यात्री आवागमन को देखते हुए पुणे मेट्रो रेल परियोजनाओं की ग्रीनफ़ील्ड मेट्रो लाइनों में ड्राइवरलेस या अनअटेंडेड ट्रेन ऑपरेशन मोड लागू किया जाएगा।

तकनीकी मूल्यांकन में 2 कंपनियां सफल

तकनीकी मूल्यांकन प्रक्रिया में दो कंपनियां सफल हुई है। इनमें आरवी इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स लिमिटेड और RITES Ltd का चयन किया गया है। अधिकारियों के अनुसार अब अगले कुछ दिनों में वित्तीय टेंडर खोला जाएगा, जिसके बाद यह स्पष्ट होगा कि इनमें से सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी कौन सी है और उसी को डीपीआर तैयार करने का कार्य सौंपा जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इन नए कॉरिडोरों से शहर की परिवहन व्यवस्था को बड़ा सहारा मिलेगा। लोहगांव एयरपोर्ट को सीधे मेट्रो से जोड़ने से यात्रियों की सुविधा में वृद्धि होगी, वहीं कोंढवा, उंदी और येवलेवाडी जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों के लाखों नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध हो सकेगा। महामेट्रो के अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि डीपीआर प्रक्रिया पूरी होते ही इस परियोजना को राज्य सरकार और केंद्र से मंजूरी दिलाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।

एयरपोर्ट को मेट्रो से जोड़ने की तैयारी तेज

महामेट्रो के सिस्टम्स एंड ऑपरेशंस निदेशक विनोद अग्रवाल ने कहा कि UTO संचालन दिल्ली, मुंबई और चेन्नई जैसे भारतीय महानगरों की नई और आगामी मेट्रो लाइनों में प्रचलित है। अग्रवाल ने कहा कि ड्राइवरलेस संचालन मानवीय त्रुटियों को कम करने, समय की पाबंदी बढ़ाने और मेट्रो सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने में सहायक होगा। यह विश्वसनीयता बढ़ाता है और सेवाओं के प्रदर्शन में सुधार लाता है। इसलिए, पुणे मेट्रो स्वीकृत डीपीआर में अनुमोदित ATO से हटकर अपने संचालन को ड्राइवरलेस ट्रेन ऑपरेशन में अपडेट कर रही है। महाराष्ट्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (महा-मेट्रो) ने पुणे शहर में मेट्रो विस्तार के लिए नए कॉरिडोरों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने हेतु टेंडर आमंत्रित किया है। इन कॉरिडोरों का उद्देश्य पुणे एयरपोर्ट (लोहगांव) को शहर से जोड़ना और कोंढवा-येवलेवाड़ी/उंद्री क्षेत्र को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ना है।

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