

IBPS Report On PMC JE Recruitment: पुणे महानगर पालिका (PMC) की कनिष्ठ अभियंता (जेई) भर्ती परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक का मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
परीक्षा का संचालन करने वाली संस्था 'IBPS' की रिपोर्ट में गड़बड़ी की पुष्टि होने के बावजूद, मनपा प्रशासन केवल तीन छात्रों पर कार्रवाई कर नियुक्तियां बांटने की जल्दबाजी में है। इस रवैये के खिलाफ कड़ा विरोध शुरू हो गया है।
सांसद सुप्रिया सुले, विधायक रोहित पवार, शिवसेना (शिंदे गुट) के शहर प्रमुख नाना भानगिरे और सामाजिक कार्यकर्ता रविराज काले ने इस संदिग्ध भर्ती प्रक्रिया को तत्काल रद्द करने और दोबारा परीक्षा कराने की मांग की है।
मनपा आयुक्त नवल किशोर राम ने स्पष्ट किया कि उपलब्ध साक्ष्यों के अनुसार, प्रश्नपत्र पूरी तरह लीक होने या पूरी परीक्षा प्रक्रिया बाधित होने के कोई संकेत नहीं मिले हैं। मनपा, आईबीपीएस या टीसीएस का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी इसमें शामिल नहीं है।
परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था' आईबीपीएस' द्वारा किए गए तकनीकी विश्लेषण में कुछ उम्मीदवारों के प्रश्न हल करने का तरीका संदिग्ध पाया गया। आईबीपीएस ने 27 अगस्त को अतिरिक्त मनपा आयुक्त प्रजीत नायर को एक गोपनीय पत्र भेजकर धांधली की आशंका जताई थी।
उम्मीदवारों के गलत उत्तरों में समानता, प्रश्नों को देखने का क्रम, उत्तर दर्ज करने में लगा समय और उत्तर देने के पैटर्न का सांख्यिकीय विश्लेषण किया गया। यह समानता गड़बड़ी का 'फिंगरप्रिंट' है।
दूसरी ओर, शिवसेना शहर प्रमुख नाना भानगिरे ने सवाल उठाया कि जब पेपर लीक की बात साबित हो चुकी है, तो केवल तीन विद्यार्थियों पर कार्रवाई कर मामला क्यों दबाया जा रहा है? लीक हुआ पेपर और कितने उम्मीदवारों तक पहुंचा, इसकी जांच किए बिना नियुक्तियां क्यों बांटी जा रही हैं?
जांच के दौरान छत्रपति संभाजीनगर के चिकलठाणा परीक्षा केंद्र का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। रिपोर्ट के अनुसार, परीक्षा शुरू होने के पहले 30 मिनट में कुछ उम्मीदवारों ने लगभग सभी प्रश्न देख लिए और फिर शौचालय चले गए।
वहां से लौटने के बाद उन्होंने बेहद कम समय में लगातार सही उत्तर दर्ज किए। कई उम्मीदवारों की रफ शीट गायब मिली। तो कुछ का रफ वर्क प्रश्नों से मेल नहीं खा रहा था। इसी दौरान 'एक्स' (X) पर प्रश्नपत्र का फोटो भी वायरल हुआ, जो जांच में 23 अप्रैल के पहले सत्र की वास्तविक प्रश्नपत्रिका का पाया गया।
एनसीपी (श.प.) सांसद सुप्रिया सुले ने कहा है कि मनपा ने यह स्वीकार कर लिया है कि जूनियर इंजीनियर भर्ती का पेपर 3 छात्रों को मिला था, फिर भी पूरी प्रक्रिया रद्द करने से बचा जा रहा है। क्या महापालिका इस बात की गारंटी दे सकती है कि धांधली केवल 3 लोगों तक सीमित थी? मेरी आयुक्त से विनती है कि इस त्रुटिपूर्ण भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से दोबारा परीक्षा आयोजित की जाए।
एनसीपी (श.प.) के विधायक रोहित पवार का कहना है कि जब आईबीपीएस की रिपोर्ट में आगे की जांच की जरूरत बताई गई है, तब मनपा प्रशासन को आनन-फानन में नियुक्ति पत्र बांटने की इतनी जल्दबाजी क्यों है? क्या इसके पीछे किसी का अदृश्य दबाव काम कर रहा है?