पुणे में बारिश से थमी रफ्तार, सड़कों पर जलभराव और भारी जाम, मानसून की पहली बरसात ने खोली मनपा के दावों की पोल

Pune Traffic Jam: पुणे में पहली मूसलाधार बारिश से यातायात चरमराया। सड़कों पर जलभराव, गड्ढों और मलबे के कारण मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे सहित प्रमुख मार्गों पर कई घंटों तक लंबा जाम लगा रहा।
Heavy rain paralyzed Pune as waterlogging and potholes triggered massive traffic jams. Vehicles crawled for hours on key routes, including the Mumbai-Pune Expressway.
पुणे भारी जाम (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Pune Traffic Jam Monsoon 2026: मानसून को लेकर पुणे महानगरपालिका और प्रशासन की तैयारियों के दावों की पोल पहली ही जोरदार बारिश में खुल गई। मंगलवार शाम से शुरू हुई मूसलाधार बारिश बुधवार को भी जारी रही, जिसके चलते शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। सड़कों पर जलभराव, निर्माण कार्यों का मलबा, गड्ढे और बीच रास्ते में खराब हुए वाहनों ने पुणे शहर से लेकर मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे तक लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। कई प्रमुख मार्गों पर छह घंटे से अधिक समय तक यातायात प्रभावित रहा और वाहन रेंगते नजर आए।

सुबह से ही वाहनों की लंबी कतारें

सबसे अधिक खराब स्थिति पुणे-सोलापुर हाईवे और सासवड-पुणे मार्ग पर देखने को मिली। शेवालेवाड़ी, फुरसुंगी, हडपसर, मांजरी फाटा, मगरपट्टा चौक, वैदुवाडी और पुलगेट क्षेत्र में सुबह से ही वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सड़क पर चल रहे पाइलिंग कार्य, चैंबर और फुटपाथ मरम्मत से निकला मलबा तथा जलभराव ने यातायात को लगभग ठप्प कर दिया। कई स्थानों पर वाहन चालकों की आगे निकलने की होड़ ने स्थिति को और गंभीर बना दिया, जिससे करीब सात से आठ किलोमीटर लंबा जाम लग गया।

गंतव्य तक पहुंचने में दोगुना समय लगा

बारिश के बीच स्कूल खुलने के कारण विद्यार्थियों, अभिभावकों और नौकरीपेशा लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य दिनों की तुलना में दोगुना समय लगा। हडपसर यातायात शाखा के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक राजेंद्र करणकोट के अनुसार, बारिश, गड्डों और खराब वाहनों के कारण यातायात व्यवस्था बाधित हुई। हालात संभालने के लिए कई चौराहों पर सिग्नल बंद कर पुलिसकर्मियों को सीधे यातायात नियंत्रण की जिम्मेदारी संभालनी पड़ी। दोपहर बाद जाकर यातायात आंशिक रूप से सामान्य हो सका।

निचले इलाकों में हालात बेहतर नहीं

पुणे शहर के मध्यवर्ती और निचले इलाकों में भी हालात बेहतर नहीं रहे, गणेशखिंड रोड, पुणे स्टेशन परिसर, डेक्कन, आरटीओ चौक, शनिवार वाड़ा, बाजीराव रोड, शिवाजी रोड, जंगली महाराज रोड, तिलक रोड, कर्वे रोड, सिंहगढ़ रोड और नगर रोड जैसे प्रमुख मार्गों पर सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक भारी ट्रैफिक जाम लगा रहा। मुख्य सड़कों पर दबाव बढ़ने के कारण वाहन चालक आंतरिक मार्गों और गलियों का सहारा लेने लगे, जिससे वहां भी यातायात का दबाव बढ़ गया। कुछ क्षेत्रों में पेड़ों की शाखाएं गिरने और ट्रैफिक सिग्नल बंद होने से समस्या और विकराल हो गई।

मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे पर रेंगते रहे वाहन

इस बारिश का असर मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे पर भी साफ दिखाई दिया। लोनावला और मावल तालुका के घाट क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण दृश्यता कम हो गई, जिसके चलते वाहनों की गति नियंत्रित रखी गई। परिणामस्वरूप एक्सप्रेस वे पर लंबी कतारें लग गई और यातायात बेहद धीमी गति से चलता रहा। सुरक्षा के मद्देनजर महामार्ग पुलिस ने अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की।

पुणे-घाट क्षेत्र के लिए ऑरेंज अलर्ट

आईएमडी ने पुणे जिले के घाट क्षेत्रों में अगले 3-4 दिनों तक मूसलाधार से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। शहर के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है। गरज-चमक, 40-50 किमी/घंटा की तेज हवाओं और मध्यम से भारी बारिश की संभावना है।

वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक राजेंद्र करणकोट स्कूल खुलने और पहली मूसलाधार बारिश के चलते सड़कों पर अचानक भारी दबाव बढ़ा। जलभराव और गड्डों के कारण यातायात बाधित हुआ, जिसके बाद पुलिस ने खुद मोर्चा संभालकर स्थिति को नियंत्रित किया।

पुणे-मुंबई राजमार्ग वाहन चालक सभी दावे हवा-हवाई साबित हुए। पहली ही बारिश में पुणे की रफ्तार थम गई। घंटों तक वाहन चालक महाजाम में फंसे रहे, जिसने मनपा के मानसून तैयारियों की पोल खोल दी है।

  • घाट क्षेत्र में मानसून ने पकड़ा जोर
  • शहर में मलबे और गड्डों ने रोका रास्ता
  • एक्सप्रेस-वे पर थमी गाड़ियों की रफ्तार
  • ताम्हिणी में 110 मिमी और नारायणगांव में 105 मिमी वर्षा दर्ज
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