

पुणे: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले पुणे में बीजेपी को बड़ा झटका लगा है। महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री हर्षवर्धन पाटिल ने कुछ दिन पहले भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। बीजेपी छोड़ने के बाद 7 अक्टूबर को हर्षवर्धन पाटिल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) में शामिल हो गए। पाटिल को पार्टी प्रमुख शरद पवार की मौजूदगी में राकांपा (एसपी) में शामिल किया गया।
हर्षवर्धन पाटिल ने कहा कि उनके समर्थक चाहते हैं कि वह आगामी विधानसभा चुनाव में पुणे जिले की इंदापुर सीट से लड़ें, जहां से वह पहले भी प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक दल से अधिक महत्वपूर्ण जनता हैं। पाटिल वर्तमान में राष्ट्रीय सहकारी चीनी मिल संघ के अध्यक्ष हैं। उन्होंने पिछले सप्ताह भाजपा छोड़ दी थी। बता दें कि इंदापुर बारामती लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
पूर्व मंत्री हर्षवर्धन पाटिल ने 3 अक्टूबर को मुंबई में एनसीपी (शरदचंद्र पवार) प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की और उसके बाद कहा कि पवार ने उनसे अपनी पार्टी में शामिल होने तथा आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने का आग्रह किया हैं। कई दिनों से अटकलें लगाई जा रही थीं कि बीजेपी नेता हर्षवर्धन पाटिल पार्टी बदल सकते हैं, खासकर जब से राकांपा के नेता और उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा था कि पिछले बार जो सीट जीते थे उन्हें चुनाव लड़ाया जाएगा।
बता दें कि इंदापुर विधानसभा सीट से हर्षवर्धन पाटिल चार बार विधायक चुने जा चुके हैं। इस बार भी वे इस सीट से फिर से चुनाव लड़ने के लिए इच्छुक थे। इस सीट का प्रतिनिधित्व भाजपा की गठबंधन सहयोगी अजित पवार की एनसीपी करती है, जो इस बार फिर से मौजूदा विधायक दत्तात्रेय भरणे को मैदान में उतार सकती है।
हर्षवर्धन पाटिल 1995-99 के दौरान शिवसेना-भाजपा गठबंधन सरकार में कृषि और विपणन राज्य मंत्री रहे। उन्होंने 1995 का विधानसभा चुनाव निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीता था। वह 1999 से 2014 तक कांग्रेस-राकांपा गठबंधन सरकार के दौरान मंत्री पद पर रह चुके हैं। पाटिल 2009 में कांग्रेस में शामिल हुए और सहकारिता और विधायी मामलों के मंत्री बनाए गए।
(एजेंसी इनपुट के साथ)