

Maharashtra Education Pune Schools: पुणे संभाग के माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में निर्धारित सीमा से अधिक फीस वसूली को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। पुणे, सोलापुर और अहिल्यानगर जिलों के जिन सहायता प्राप्त और आंशिक सहायता प्राप्त स्कूलों ने अनुदान में बढ़ोतरी के बावजूद छात्रों से अतिरिक्त फीस वसूली है, उन्हें यह राशि वापस करने के निर्देश दिए गए हैं।
ये निर्देश विभागीय उपसंचालक, शिक्षा कार्यालय की ओर से जारी किए गए हैं। विभाग ने संबंधित स्कूलों को अतिरिक्त वसूली की गणना कर प्रभावित छात्रों को रकम लौटाने और इसकी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
मौजूदा अनुदान व्यवस्था के तहत सहायता प्राप्त होने वाले माध्यमिक और उच्च माध्यमिक संस्थानों को शुरुआत में 20 फीसदी सरकारी अनुदान मिलता है। इसके बाद अनुदान का स्तर चरणबद्ध तरीके से 40, 60 और 80 फीसदी तक बढ़ाया जाता है।
सरकारी अनुदान में बढ़ोतरी के साथ छात्रों पर फीस का बोझ कम किया जाना अपेक्षित है। शिक्षा विभाग पहले भी स्कूलों को अनुदान के स्तर के अनुसार फीस में आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दे चुका है।
हालांकि, विभाग को मिली शिकायतों के अनुसार कुछ स्कूलों ने अनुदान बढ़ने के बाद भी फीस में निर्धारित कटौती नहीं की और छात्रों से पहले की दरों के अनुसार रकम वसूलना जारी रखा।
शिक्षा विभाग ने ऐसे स्कूलों को अतिरिक्त वसूली की पूरी जानकारी तैयार करने के निर्देश दिए हैं। संस्थानों को बताना होगा कि कितने छात्रों से अतिरिक्त फीस ली गई, कुल कितनी राशि वसूल की गई और उसमें से कितनी राशि छात्रों को वापस की गई।
संबंधित स्कूलों को यह रिपोर्ट विभागीय उपसंचालक, शिक्षा के कार्यालय में जमा करनी होगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्धारित निर्देशों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
इसी बीच शिक्षा विभाग ने जिला परिषद प्रतिष्ठानों के तहत नवस्वीकृत 4,860 केंद्रस्तरीय खेल शिक्षक पदों की भर्ती को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है।
इन पदों पर अंशकालिक प्रशिक्षकों या मौजूदा शिक्षकों को सीधे समायोजित अथवा पदोन्नत करने की मांग को स्वीकार नहीं किया गया है। शिक्षा आयुक्तालय के अनुसार, इन नए पदों के लिए सेवा प्रवेश नियम अभी अंतिम रूप से तय नहीं हुए हैं।
इस वजह से भर्ती निर्धारित प्रत्यक्ष भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से की जाएगी। मौजूदा कर्मचारियों को सीधे समायोजित या पदोन्नत करके इन पदों को भरने की प्रक्रिया नहीं अपनाई जाएगी।