DGCA Bans VSR Ventures Planes (डिजाइन फोटो)
VSR Ventures Special Safety Audit: पुणे से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ नागरिक विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने ‘वीएसआर वेंचर्स’ (VSR Ventures) के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उसके चार विमानों के संचालन पर तत्काल रोक लगा दी है। यह वही कंपनी है जिसका लियरजेट 45 विमान 28 जनवरी को बारामती के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की दुखद मृत्यु हो गई थी। हादसे के बाद हुए विशेष सुरक्षा ऑडिट में कंपनी की ओर से नियमों और रखरखाव प्रक्रियाओं में भारी लापरवाही पाई गई है।
नियामक ने स्पष्ट किया है कि जब तक कंपनी सभी सुरक्षा मानकों और तकनीकी खामियों को दुरुस्त नहीं कर लेती, तब तक इन विमानों को उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस बीच, केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने पुष्टि की है कि हादसे की प्रारंभिक रिपोर्ट 28 फरवरी 2026 तक सार्वजनिक कर दी जाएगी, जिससे इस हाई-प्रोफाइल क्रैश की असली वजह सामने आने की उम्मीद है।
अजित पवार के विमान हादसे के बाद डीजीसीए ने वीएसआर वेंचर्स के बेड़े (Fleet) का सघन ऑडिट करने का आदेश दिया था। ऑडिट टीम ने पाया कि कंपनी ने विमान के ‘उड़ान योग्य’ (Airworthy) होने से जुड़ी कई अनिवार्य प्रक्रियाओं का उल्लंघन किया था। रिपोर्ट में हवाई सुरक्षा और विमान संचालन के मानकों की अनदेखी के साथ-साथ रखरखाव (Maintenance) में मौजूद गंभीर कमियों की ओर इशारा किया गया है। नियामक ने कंपनी को एक विस्तृत फॉर्म जारी कर इन उल्लंघनों के मूल कारणों का विश्लेषण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
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नागरिक विमानन महानिदेशालय ने जिन विमानों के उपयोग पर रोक लगाई है, वे सभी लियरजेट 40/45 सीरीज के एयरक्राफ्ट हैं। इनके पंजीकरण संख्या VT-VRA, VT-VRS, VT-VRV और VT-TRI हैं। इन चारों विमानों को तत्काल प्रभाव से ‘उपयोग से हटा’ दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि एक ही कंपनी के इतने विमानों को एक साथ ग्राउंड करना यह दर्शाता है कि संस्थान के भीतर सुरक्षा प्रोटोकॉल पूरी तरह चरमरा गए थे। अब इन विमानों का भविष्य कंपनी द्वारा पेश किए जाने वाले सुधारात्मक उपायों के मूल्यांकन पर निर्भर करेगा।
अजित पवार की मृत्यु को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में पहले ही कई अटकलें लगाई जा रही हैं। उनके भतीजे और विधायक रोहित पवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विमान के मालिकाना हक और तकनीकी खामियों पर सवाल उठाए थे। अब सबकी निगाहें 28 फरवरी पर टिकी हैं, जब नागरिक उड्डयन मंत्रालय प्रारंभिक रिपोर्ट जारी करेगा। उपमुख्यमंत्री के निधन से पैदा हुए राजनीतिक शून्य के बीच, यह रिपोर्ट यह तय करेगी कि यह महज एक तकनीकी खराबी थी या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश या अक्षम्य लापरवाही छिपी थी।